उत्तर प्रदेश में कृषि भूमि उपयोग बदलना होगा आसान, पशु चिकित्सा छात्रों को मिलेगा 12 हजार रुपये मासिक भत्ता

उत्तर प्रदेश में कृषि भूमि उपयोग बदलना होगा आसान, पशु चिकित्सा छात्रों को मिलेगा 12 हजार रुपये मासिक भत्ता

Changing Agricultural Land Use in Uttar Pradesh

लखनऊ। राज्य में अब कृषि भूमि के उपयोग को बदलने की प्रक्रिया आसान की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 80 में संशोधन करने के लिए अध्यादेश को स्वीकृति प्रदान की गई है।

कैबिनेट के इस निर्णय से कृषि भूमि को गैर कृषि (आवासीय व व्यवसायिक) उपयोग में बदलने की दोहरी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।

इससे पहले भी कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन विधान मंडल में इसे प्रस्तुत नहीं किया जा सका था। इसलिए कैबिनेट की बैठक में दोबारा इसे स्वीकृत किया गया है।

पशु चिकित्सा छात्रों को हर माह मिलेंगे 12000 रुपये

सरकार ने पशु चिकित्सा के छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। छात्रों को अब तक चार हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 12 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सोमवार को कैबिनेट ने बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

प्रदेश में मथुरा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय और मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा का अध्ययन कराया जा रहा है।

तीनों विश्वविद्यालयों में भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के मानक के अनुसार प्रति बैच 100-100 छात्रों काे पढ़ाया जा रहा है। इनको भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रति छात्र तीन हजार रुपये प्रतिमाह की दर से केवल छह माह के लिए भत्ता दिया जाता है।

वहीं मथुरा विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को पशुपालन विभाग से प्राप्त शासकीय अनुदान से प्रति छात्र एक रुपये रुपये प्रतिमाह की दर से 12 माह के लिए अतिरिक्त भत्ता भी दिया जा रहा है, जबकि अन्य दोनाें विश्वविद्यालयों के छात्रों को राज्य सरकार द्वारा कोई भत्ता नहीं दिया जाता है।