फर्जी नंबर प्लेट और चोरी की कार रखने का दोषी करार, अदालत ने जुर्माना लगाकर दी बड़ी राहत

Found Guilty of Possessing Fake Number Plates and a Stolen Car

Found Guilty of Possessing Fake Number Plates and a Stolen Car

चंडीगढ़, 27 जनवरी: जिला अदालत ने चोरी की कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी पर केवल जुर्माना लगाकर उसे रिहा करने के आदेश दिए।
अदालत ने माना कि दोषी अमनदीप सिंह ने चोरी की कार को अपने कब्जे में रखा और उस पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया, जो आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी की श्रेणी में आता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में आरोपी को परिवीक्षा (प्रोबेशन) का लाभ देने से समाज में गलत संदेश जाएगा और कानून का भय कमजोर पड़ सकता है।
हालांकि अदालत ने यह तथ्य भी ध्यान में रखा कि आरोपी युवक है, उसके खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला लंबित नहीं है और वह मुकदमे के दौरान पहले ही पर्याप्त समय जेल में बिता चुका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने सुधार की संभावना मानते हुए सजा में नरमी बरतने का फैसला किया

दोनों पक्षों की दलीलें

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने दलील दी कि कथित फर्जी नंबर प्लेट की बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। आरोपी को झूठा फंसाया गया है और जिस स्थान से बरामदगी दिखाई गई, वह खुला और सार्वजनिक था, इसलिए बरामदगी को प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
वहीं सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी को चोरी की कार के साथ पकड़ा गया था और जाली नंबर प्लेट के इस्तेमाल का तथ्य अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों से स्पष्ट रूप से स्थापित हो चुका है। उन्होंने कहा कि बरामदगी विधिवत की गई है और आरोपी की ओर से कोई बचाव साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

क्या था मामला

दर्ज मामले के अनुसार 17 मई 2015 को इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस अपराधों की रोकथाम के लिए गश्त कर रही थी। दोपहर करीब 2 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक युवक मारुति स्विफ्ट कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की फिराक में है। मुखबीर के अनुसार कार पर एच.आर-37-बी-5369 नंबर अंकित था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने इंडस्ट्रियल एरिया के गेट नंबर-6 के पास नाका लगाया। कुछ समय बाद मुखबीर द्वारा बताई गई कार नाके की ओर आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोककर पूछताछ की, जिस पर चालक ने अपनी पहचान किशनगढ़ निवासी अमनदीप सिंह के रूप में बताई।

वाहन के दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। तलाशी के दौरान कार की आरसी बरामद हुई, जिस पर वास्तविक नंबर पी.बी-39-डी-9813 अंकित था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कार के असली नंबर को बदलकर उस पर एच.आर-37-बी-5369 की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी।

इसके बाद पुलिस ने मौके से फर्जी नंबर प्लेट उतारकर सील की और कार को जब्त कर लिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उक्त स्विफ्ट कार के चोरी होने की शिकायत 9 मई 2015 को पंचकूला के सेक्टर-5 थाना में पटियाला निवासी गुरमीत सिंह द्वारा दर्ज कराई गई थी।
आरटीओ से पुष्टि के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 411 और 473 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।