Chandigarh MC House Meeting: चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग में हंगामा; घरों को तोड़ने पर माहौल गरमाया

चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग में हंगामा; घरों को तोड़ने पर माहौल गरमाया, गाबी ने निगम के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाया

Chandigarh Municipal Corporation 360th Meeting of General House

Chandigarh MC House Meeting: चंडीगढ़ नगर निगम में आज बुधवार को मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में सदन की 360वीं बैठक हुई। बैठक शुरू होते ही सबसे पहला मुद्दा शहर में हाउसिंग बोर्ड द्वारा घरों को तोड़ने का उठाया गया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गाबी ने शुरुवात की और वह काफी गुस्से में और इमोशनल दिखे। उन्होंने कहा है कि वह अपने 45 सेक्टर के लोगों को छोड़कर इस उम्मीद में सदन आए हैं की उन्हें यहां से मदद मिलेगी। इस बीच गाबी बार-बार सदन में हाथ जोड़ते हुए देखे गए।

दरअसल गुरप्रीत गाबी ने अपने वार्ड के सेक्टर-45 में मकानों को तोड़े जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मेरे सेक्टर में 3 दिन से हाउसिंग बोर्ड की डिमोलेशन ड्राइव चल रही है और घर तोड़े जा रहे हैं। मैं उन घरों को बचाने के लिए हाथ जोड़कर मदद मांगने सदन में आया हूं। मैं आज कोई राजनीति नहीं कर रहा और मेरी बात कोई राजनीतिकी तौर पर नहीं है। इसलिए मैं अपील करता हूं की मेरी बात 5 मिनट सुनी जाये। जब मेयर ने कहा कि मिनट्स तय कर लेते हैं तो इस पर गाबी ने कहा कि मिनट्स से ज्यादा जरूरी आशियाने हैं, हमारे वो घर हैं जिनमें लोग रह रहे हैं।

गाबी ने आगे कहा कि हाउसिंग बोर्ड के 65 हजार मकान हैं। मैं बड़ी उम्मीद के साथ अपने लोगों को 45 सेक्टर में छोड़कर सदन में आया हूं की यहां सभी पार्षद जो यह दम भरते हैं की वह लोगों के साथ हैं। वो आज उन लोगों का साथ देंगे। जिनके पास वो टाइम तो टाइम वोट मांगने जाते हैं। आज चंडीगढ़ के 65 हजार मकान हाउसिंग बोर्ड के हथौड़े के नीचे हैं। वो लोग जिन्होंने इस चंडीगढ़ को बनाया है, इस शहर के खातिर मेहनत की। उनके मकानों को तोड़ा जा रहा है लेकिन दूसरी तरफ बड़े-बड़े लोग और सरकारी आवास हैं, जिनका अतिक्रमण किसी को नहीं दिखता।

गवर्नर साहब के वादे का क्या हुआ?

कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गाबी ने इस मुद्दे को लेकर पंजाब गवर्नर और चंडीगढ़ प्रशासक़ गुलाब चंद कटारिया का भी जिक्र किया। गाबी ने कहा कि जब गवर्नर साहब सदन में आए थे तो उन्होंने कहा था कि हम किसी के मकान नहीं टूटने देंगे। लेकिन गवर्नर साहब के वादे का क्या हुआ? गाबी ने कहा कि इस सदन से सभी पार्षद मेरे साथ 45 सेक्टर चलें। आज हम यह दिखाएँ की इस मुद्दे पर बीजेपी, काँग्रेस और आम आदमी पार्टी सब एक है। वहीं गाबी ने सदन में बताया कि इस पर तीनों पार्टियों की एक जाइंट कमेटी बनाई गई है।

इधर गाबी की बात पर मेयर ने भी कहा कि इस विषय पर हम सभी साथ खड़े हैं। हम हाउसिंग बोर्ड के रेजीडेंट्स के साथ हैं। इसमें कोई दो मत नहीं हैं। मेयर ने सफतौर से कहा कि इसमें कोई दो राहें नहीं हैं की ये जो भी हो रहा है, ये धक्का हो रहा। इसलिए पार्टी लाइन और राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय पर एक जाइंट कमेटी बनाई गई है। जिसमें तीनों पार्टियों के प्रधान और पार्षद शामिल हैं।

गाबी का बड़ा गंभीर आरोप

घरों को तोड़े जाने के मुद्दे के साथ ही कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गाबी ने कूड़े को लेकर नगर निगम के अफसरों पर बड़ा गंभीर आरोप लगाया। गाबी ने कहा कि नगर निगम के अफसर कूड़ा उठाने वालों के साथ मिलकर बेईमानी से पैसे खा रहे हैं। उन्होंने ने कहा कि जब अफसर कूड़ा उठाने वालों के साथ मिलकर ही पैसे खाने लग जायें तो फिर क्या ही कहा जा सकता है। निगम के अफसर इतने नीचे गिर चुके हैं की वह पैसों के लिए बड़ेल का कूड़ा 45 सेक्टर में फेंक रहे हैं। गाबी ने कहा कि 116 करोड़ की FD की बेईमानी तो फिर भी इससे ठीक है लेकिन कितनी शर्म की बात है की कूड़ा उठाने के नाम पर बेईमानी की जा रही है।

वहीं गाबी ने कहा कि इसी तरह से अगर अफसरों को पैसे खाने हैं तो घरों से जो कूड़ा उठाते हैं उनकी यूनियन को भी अपने साथ ले लो. 100 रुपये में 20 रुपये अपना हिस्सा उनसे ले लेना। शर्म आनी चाहिए, इससे और नीचे क्या स्तर गिर सकता है। इधर गाबी के आरोप पर नगर निगम कमिशनर ने कहा कि नाम बताओ। इस पर गाबी ने कहा कि सब कुछ प्लानिंग के साथ हो रहा है। वहीं मेयर ने कहा कि यह बहुत बड़ा आरोप है। इसके बाद मेयर ने संबन्धित अधिकारी से जवाब भी मांगा.