Chandigarh District Court orders registration of FIR in suspicious death case

Chandigarh District Court का आदेश: संदिग्ध मौत मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश

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Chandigarh District Court orders registration of FIR in suspicious death case

जिला अदालत चंडीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट Sachin Yadav ने सेक्टर-34 थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि विवाह के सात वर्ष के भीतर हुई एक विवाहित महिला की संदिग्ध मृत्यु के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू की जाए। यह आदेश 18 फरवरी 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 175(3) के तहत दायर याचिका का निस्तारण करते हुए पारित किया गया।


 क्या है मामला

शिकायतकर्ता Gurtej Singh ने आरोप लगाया कि उनकी बहन की शादी नवंबर 2021 में हुई थी। विवाह के बाद से ही उसे पति और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

मार्च 2023 में बेटी के जन्म के बाद कथित तौर पर उसे लड़की होने पर ताने दिए गए और कई बार ससुराल से निकाल दिया गया।

परिवार को 7 जनवरी 2025 को सूचना मिली कि महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है।


 पुलिस की अब तक की कार्रवाई

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि मामला विवाह के सात वर्ष के भीतर हुई कथित आत्महत्या से जुड़ा था, इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 196 के तहत पंचनामा कार्यवाही की गई।

शव का पोस्टमार्टम कराया गया और नमूने केंद्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) भेजे गए।

हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा 30 जनवरी और 11 फरवरी 2025 को शिकायत देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी।


 अदालत की टिप्पणी

अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं, इसलिए पुलिस के लिए FIR दर्ज करना अनिवार्य है।

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले Lalita Kumari v. Government of Uttar Pradesh का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि जब भी किसी सूचना से संज्ञेय अपराध बनता है, तब FIR दर्ज करना कानूनन आवश्यक है।

साथ ही अदालत ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113-क का उल्लेख किया, जिसके अनुसार यदि विवाह के सात वर्ष के भीतर किसी महिला की आत्महत्या होती है और उसे क्रूरता का सामना करना पड़ा हो, तो आत्महत्या के लिए उकसाने की कानूनी धारणा लागू हो सकती है।


आगे की कार्रवाई

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सेक्टर-34 थाना को संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।

अब आगे की कार्रवाई पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।