केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाया; तत्काल प्रभाव से रद्द हुई हिरासत, लेह में हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए थे
Central Government revokes NSA on Sonam Wangchuk Activist Ladakh
Sonam Wangchuk NSA revokes: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख के मशहूर क्लाइमेट और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (59 साल) की NSA के तहत हिरासत को तुरंत रद्द करने का फैसला किया है। यानि सोनम वांगचुक के खिलाफ UAPA के तहत रासुका लगाने की जो कार्रवाई की गई थी, उससे अब उन्हें आजादी मिल गई है। केंद्र के इस फैसले के बाद सोनम वांगचुक करीब 6 महीने बाद जोधपुर जेल से रिहा हो रहे हैं। सोनम वांगचुक पर से NSA हटने और उनकी रिहाई को लेकर लेह-लद्दाख में उनके समर्थकों में खुशी देखी जा रही है।
वहीं सरकार का कहना है कि यह निर्णय लद्दाख में शांति और आपसी विश्वास को बढ़ावा देने और सार्थक संवाद शुरू करने के उद्देश्य स लिया गया है। ज्ञात रहे कि ये सोनम वांगचुक का मसला पूरे देश में बहुत ज्यादा चर्चा में रहा। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। जहां सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से सवाल जवाब किए थे। वांगचुक की पत्नी और शिक्षिका गीतांजलि अंगमो ने उनकी हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया, ''24 सितंबर 2025 को शांतिप्रिय शहर लेह में पैदा हुई गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। यह आदेश लेह के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने के लिए जारी किया था। सोनम वांगचुक इस एक्ट के तहत हिरासत की लगभग आधी अवधि पहले ही काट चुके हैं।''
आगे कहा गया, ''सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए कमिटेड है ताकि सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत हो सके। इस मकसद को पूरा करने के लिए, और ठीक से सोचने के बाद, सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके सोनम वांगचुक की हिरासत तुरंत वापस लेने का फैसला किया है।''
गृह मंत्रालय ने कहा, ''सरकार लद्दाख के लोगों की उम्मीदों और चिंताओं को दूर करने के लिए अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स और कम्युनिट लीडर्स के साथ एक्टिव रूप से बातचीत कर रही है। हालांकि, बंद और विरोध का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय चरित्र के लिए नुकसानदायक रहा है और इसने स्टूडेंट्स, नौकरी चाहने वालों, बिज़नेस, टूर ऑपरेटर्स और टूरिस्ट्स समेत कम्युनिटी के अलग-अल हिस्सों और पूरी इकॉनमी पर बुरा असर डाला है।''
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लेह में हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए थे
बता दें कि लेह-लद्दाख में विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बाद सोनम वांगचुक के खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई की गई थी और उनपर NSA लगाकर उन्हें हिरासत में लिया गया था। दरअसल सोनम वांगचुक 2023 से लद्दाख में जलवायु परिवर्तन के बीच पर्यावरण संरक्षण की मांग, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और स्थानीय संस्कृति और अधिकारों को मजबूत करने को लेकर लद्दाख को विशेष रूप से संवैधानिक सुरक्षा और भारत के संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे थे।
इस बीच लेह में हुए हिंसक प्रदर्शन को उकसाने का जिम्मेदार सोनम वांगचुक को माना गया था। हालांकि सोनम वांगचुक ने हिंसक प्रदर्शन को लेकर निंदा की थी और कहा था कि इससे अपनी मांगों को लेकर अपनाए जाने वाले शांतिपूर्ण रास्ते का संदेश सफल नहीं होगा। इससे पहले सोनम वांगचुक ने लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर उपवास धरना भी रखा था। उन्होंने दिल्ली तक पदयात्रा की मुहिम भी छेड़ी थी।