सीबीआई कोर्ट ने जाट आंदोलन में कैप्टन की कोठी जलाने के मामले में सभी अभियुक्त बरी किए

सीबीआई कोर्ट ने जाट आंदोलन में कैप्टन की कोठी जलाने के मामले में सभी अभियुक्त बरी किए

CBI Court Acquits all Accused

CBI Court Acquits all Accused

अर्थ प्रकाश संवाददाता
पंचकूला। CBI Court Acquits all Accused: 
करीब 10 साल पुराने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाए जाने के मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को सभी 56 आरोपियों को बरी कर दिया, जिसमें ज्यादातर रोहतक व झज्जर के रहने वाले हैं। सीबीआई की तरफ से आरोप पत्र में 60 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसमें अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा व अन्य शामिल हैं। जिसमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है तथा एक पीओ घोषित है। सीबीआई कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र के मुताबिक, पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भतीजे रोहित के बयान पर साल 2016 में केंद्रीय जांच एजेंसी ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें मोहित, विजेंद्र सिंह राजेश कुमार, जोगेंद्र, समुंद्र, राहुल दादू, महेंद्र सिंह, सुदीप कलकल, जगपाल सिंह, नरेंद्र, मनोज दुहन, अभिषेक, धर्मेंद्र, सुमित, नसीब, योगानंद, विकास, दीपक, सुमित, प्रदीप, रविंद्र, अजय, दिलावर, प्रदीप, मोहित, कुलबीर फौगाट, हरिओम, विक्की, विरेंद्र, अमित, प्रदीप, अश्विनी, लक्ष्य, राहुल, अंकित, संदीप, जसबीर, भुवन सिंह, योगेश राठी, संदीप राठी, अरविंद गिल, बिजेंद्र सिंह, जितेंद्र राठी, राहुल हुड्डा, सुमित मलिक, विजयदीप पंघाल, गौरव हुड्डा, अशोक बल्हारा, सचिन दहिया, सत्यवान कादियान, पवन हुड्डा, गौरव बुधवार, अनिल कुमार, अजय, सोमबीर, देवेंद्र, रविंद्रकांत, भगवान, सुमित दांगी व देवेंद्र धनखड़ को नामजद किया था।

सीबीआई कोर्ट में सालों चली सुनवाई के दौरान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करने वाले चार जजों के अलावा तत्कालीन रोहतक डीसी डीके बेहरा सहित तत्कालीन रोहतक एसपी व सीबीआई एसपी तक के बयान दर्ज हुए। केस में तेजी लाने के लिए हाईकोर्ट ने हर सप्ताह सुनवाई की हिदायत दी थी। साथ ही तय किया था कि दिसंबर 2025 तक सुनवाई पूरी हो जाए। हालांकि, बाद में सुनवाई की समय सीमा बढ़ा दी थी। जिसमें आज फैसला आया है।

यह था मामला

कैप्टन अभिमन्यु के बेटे द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक आरोप था कि जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाइपास की तरफ से पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की तरफ आई और जबरन घर में घुस गई। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी और कोठी का सामान लूट लिया। घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। आग लगने से हुआ था करोड़ों का नुकसान हुआ था। पहले स्थानीय पुलिस ने जांच की, लेकिन बाद में सरकार ने केस सीबीआई को सौंप दिया था।