Cashless Heart Treatment Under Ayushman

हरियाणा के 4 जिलों में आयुष्मान कार्ड पर हार्ट इलाज बंद, 31 करोड़ बकाया को लेकर विवाद

undefined

Cashless Heart Treatment Under Ayushman

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में दिल की बीमारियों का इलाज करा रहे हजारों मरीजों के लिए बुरी खबर है। प्रदेश के चार प्रमुख जिलों—गुरुग्राम, पंचकूला, अंबाला और फरीदाबाद—के नागरिक अस्पतालों में संचालित हार्ट सेंटरों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज करने से इनकार कर दिया है।

बताया जा रहा है कि यह संकट पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर चल रहे इन सेंटरों और राज्य सरकार के बीच भुगतान विवाद के कारण पैदा हुआ है। इन केंद्रों का संचालन करने वाली निजी कंपनी मेडिट्रिना ग्रुप का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग पर उनका करीब 31 करोड़ रुपये (ब्याज सहित) बकाया है।

कंपनी के अनुसार लंबे समय से भुगतान न होने के कारण दवाइयों, स्टेंट और स्टाफ के खर्च का प्रबंधन करना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से गुरुग्राम के सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में यह सुविधा पिछले करीब नौ महीनों से प्रभावित बताई जा रही है।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भुगतान में देरी के पीछे कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारण हैं। विभाग के मुताबिक एक अस्पताल परिसर में केवल एक ही आयुष्मान रजिस्ट्रेशन आईडी हो सकती है, जबकि निजी कंपनी अपने लिए अलग आईडी की मांग कर रही थी, जिससे प्रक्रिया में बाधा आई।

ताजा जानकारी के अनुसार 19 मार्च 2026 को महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) ने पूरे मामले और बिलों में आई विसंगतियों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।

इस गतिरोध का सबसे ज्यादा असर गरीब मरीजों पर पड़ रहा है। पहले जो इलाज आयुष्मान कार्ड के तहत मुफ्त होता था, अब उसके लिए मरीजों को निजी अस्पतालों में 60 हजार से 1 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। कई मरीजों को अब चंडीगढ़ पीजीआई या दिल्ली के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, जहां पहले से ही भारी भीड़ है।