हिमाचल में नाबालिग लड़कियों के अपहरण मामलों ने बढ़ाई चिंता, NCRB रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

हिमाचल में नाबालिग लड़कियों के अपहरण मामलों ने बढ़ाई चिंता, NCRB रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

Cases of Abduction of Minor Girls in Himachal Raise Concern

Cases of Abduction of Minor Girls in Himachal Raise Concern

शिमला। Cases of Abduction of Minor Girls in Himachal Raise Concern, शांत और सुरक्षित माने जाने वाले हिमाचल की छवि पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि नाबालिग लड़कियों के अपहरण और जबरन विवाह से जुड़े मामलों में हिमाचल का अपराध अनुपात महाराष्ट्र और गुजरात जैसे बड़े राज्यों से कहीं ज्यादा दर्ज हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में वर्ष 2024 के दौरान नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाने और जबरन विवाह से जुड़े 90 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 91 बच्चियां पीड़ित रहीं और प्रदेश की अपराध दर 4.2 दर्ज हुई। यह आंकड़ा इसलिए ज्यादा चिंताजनक माना जा रहा है क्योंकि हिमाचल की आबादी और भौगोलिक आकार देश के बड़े राज्यों की तुलना में बेहद छोटा है।

तुलना करें तो महाराष्ट्र जैसे विशाल राज्य में केवल 44 मामले दर्ज हुए और अपराध दर महज 0.1 रही। वहीं गुजरात में 422 मामले सामने आए, लेकिन वहां अपराध दर 2.0 दर्ज की गई। यानी हिमाचल में मामलों की संख्या कम होने के बावजूद प्रति लाख आबादी पर अपराध का अनुपात इन बड़े राज्यों से कहीं अधिक पहुंच गया।

बिहार रहा सबसे आगे

रिपोर्ट में बिहार सबसे ऊपर रहा जहां 6214 मामले दर्ज किए गए और अपराध दर 13.1 रही। पंजाब में 1356 मामलों के साथ अपराध दर 15.5 दर्ज हुई। असम में 520 मामलों के साथ 4.3 अपराध दर रही, जो हिमाचल से थोड़ा ही ज्यादा है।

सोशल मीडिया, फर्जी पहचान, ऑनलाइन दोस्ती और शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़कियों को फांसने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की बच्चियां अधिक संवेदनशील बनती जा रही हैं।

कई मामलों में परिवारों को लंबे समय तक घटना की जानकारी तक नहीं मिल पाती। इस तरह के मामलों में केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। स्कूल स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान, अभिभावकों की निगरानी और पंचायत स्तर पर सुरक्षा तंत्र मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही प्रशासन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय निगरानी बढ़ाने और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित हस्तक्षेप की रणनीति अपनानी होगी।

राज्यों की तुलना में हिमाचल की स्थिति (अपराध दर)

राज्य कुल मामले अपराध दर
पंजाब 1,356 15.5
बिहार 6,214 13.1
असम 520 4.3
हिमाचल प्रदेश 90 4.2
हरियाणा 241 2.6
मध्य प्रदेश 728 2.5
गुजरात 422 2.0
राजस्थान 330 1.2
झारखंड 97 0.7
महाराष्ट्र 44 0.1