देवरिया मामले में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव निलंबित, जिलाधिकारी देवरिया की रिपोर्ट पर कार्रवाई

देवरिया मामले में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव निलंबित, जिलाधिकारी देवरिया की रिपोर्ट पर कार्रवाई

BSA Shalini Srivastava suspended in Deoria case

BSA Shalini Srivastava suspended in Deoria case

लखनऊ। सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह के आत्महत्या के प्रकरण में शासन ने देवरिया की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

शासन ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत उन्हें निलंबित किया है और विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है।

निलंबन के दौरान बीएसए को मूल नियम-53 के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, जो आधा वेतन अवकाश वेतन के बराबर होगा। यह आदेश अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी करने के साथ शालिनी श्रीवास्तव को शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।

शासन ने यह कार्रवाई जिलाधिकारी देवरिया की 23 फरवरी की रिपोर्ट के आधार पर की है। उधर किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए शालिनी श्रीवास्तव ने हाई कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की है, जिसमें अभी सुनवाई होनी है।

जिलाधिकारी देवरिया की रिपोर्ट में 22 फरवरी को दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर ' दो किस्तों में दिए रुपये, फिर भी नहीं मिला छुटकारा ' से जुड़े मामले की जांच का हवाला दिया गया था। जांच में पाया गया कि उच्च न्यायालय की रिट याचिका में 13 फरवरी को दिए गए आदेश का पालन बीएसए कार्यालय ने करीब एक वर्ष तक नहीं किया।

जांच में यह भी सामने आया कि बीएसए को इस मामले में स्पीकिंग आर्डर पारित करना था या न्यायालय के आदेश का अनुपालन करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसे शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और लापरवाही मानते हुए उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में नामजद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने गोरखपुर पुलिस व शासन की कार्रवाई से बचने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण ली है। मंगलवार को उन्होंने याचिका दाखिल की, हालांकि अभी तक सुनवाई की तिथि नियत नहीं हुई है।

कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार (देवरिया) में तैनात रहे सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने 20 फरवरी की रात गोरखपुर के अपने आवास में आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उनकी पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर गुलरिहा थाने में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह व अन्य सहयोगियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

सुसाइड नोट में बीएसए व संबंधित बाबू पर 16 लाख रुपये लेने और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए। इस मामले में डीएम व शासन स्तर से गठित समिति की जांच में हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी एक वर्ष में निर्णय नहीं लेने की पुष्टि हुई है। डीएम ने निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति रिपोर्ट दो दिन पहले भेजी थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बीएसए का सीयूजी व निजी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फारेंसिक जांच के लिए भेजा है। इसी बीच बीएसए ने अपने बचाव में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर शासन, एसएसपी गोरखपुर, थानाध्यक्ष गुलरिहा व वादिनी गुड़िया सिंह को पक्षकार बनाया है।