हिमाचल प्रदेश: जनप्रतिनिधियों के वेतन में 20% से 50% तक का 'ब्रेक'; 6 महीने के लिए लागू हुआ स्थगन आदेश
'Break' of 20% to 50% in Salaries of Public Representatives
शिमला। 'Break' of 20% to 50% in Salaries of Public Representatives, आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने मुख्यमंत्री का 50 प्रतिशत वेतन, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष के वेतन में 30 प्रतिशत व विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत वेतन हिस्से को छह महीने के लिए अस्थायी रूप से स्थगित (डेफर) करने का फैसला लागू कर दिया है।
आईएएस, आईपीएस व एचएएस अफसरों के वेतन स्थगन का आदेश अभी लागू नहीं हुआ है। सीएम सुक्खू ने इनके वेतन में भी 20 प्रतिशत स्थगन का फैसला लिया है।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के तहत मुख्यमंत्री को मई में 1.70 लाख रुपये वेतन मिलेगा, जबकि मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को 2.24 लाख और प्रत्येक विधायक 2.36 लाख वेतन प्राप्त करेगा।
मुख्यमंत्री के वेतन में 50 प्रतिशत की, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का 30 प्रतिशत वेतन और सभी विधायकों का 20 प्रतिशत वेतन अगले छह महीनों के लिए स्थगित रहेगा। यह निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 162 और 166 के तहत लिया गया है।
ये भी स्पष्ट किया है कि यह स्थायी कटौती नहीं, बल्कि केवल अस्थायी स्थगन है। यानी यह राशि भविष्य में राज्य की वित्तीय स्थिति सुधरने पर जनप्रतिनिधियों को वापस दी जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी। ई-सैलरी सिस्टम में पूरा वेतन और स्थगित हिस्सा अलग-अलग दिखेगा। वेतन पर्ची (सैलरी स्लिप) में भी इसका स्पष्ट उल्लेख होगा और इससे कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को हर स्तर पर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
बजट के दौरान लिया था निर्णय
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस आशय का निर्णय लिया था। उस समय उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों (क्लास-1 और क्लास-2) के वेतन को भी डेफर करने का संकेत दिया था, लेकिन हिमाचल दिवस के मौके पर इस फैसले को वापस ले लिया गया। मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी अधिसूचना में केवल जनप्रतिनिधियों के वेतन स्थगन का ही जिक्र है। वेतन में अस्थायी स्थगन को देखते हुए सभी को प्रपत्र पर भरकर ऋण संबंधी जानकारी लिखित तौर पर देनी होगी।
वेतन का ब्योरा
- पद, वेतन, प्रतशित, कटौती धनराशि, मई में मिलेगी धनराशि
- मुख्यमंत्री, 3.40 लाख, 50 प्रतिशत, 1.70 लाख, 1.70 लाख रुपये
- विधानसभा अध्यक्ष, 3.20 लाख, 30 प्रतशित, 96 हजार, 2.24 लाख रुपये
- कैबिनेट मंत्री, 3.20 लाख, 30 प्रतिशत, 96 हजार, 2.24 लाख रुपये
- विधानसभा उपाध्यक्ष, 3.17 लाख, 95 हजार, 2.22 लाख रुपये
ऋण की किस्त कटौती के बाद शेष धनराशि से वेतन स्थगन तय होगा
मुख्यमंत्री सहित सरकार के मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष व विधायक स्वयं लिखकर देंगे कि उन्होंने कितना ऋण लिया है। ऋण की मासिक किस्त के तौर पर कितनी धनराशि की कटौती होती है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ऋण संबंधी जानकारी प्रपत्र भरकर दिया जाएगा कि मासिक ऋण की कितनी धनराशि की कटौती होती है। शेष वेतन धनराशि पर वेतन पर अस्थायी स्थगन लागू होगा।
टैक्स और कटौतियों के नियम
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आयकर सहित सभी वैधानिक कटौतियां पूरे वेतन पर ही लागू होंगी। स्थगित राशि की गणना टैक्स और अन्य कटौतियों के बाद बची राशि पर की जाएगी। इससे भविष्य में लेखा या टैक्स से जुड़ी कोई जटिलता न हो, इसका ध्यान रखा गया है। जिन विधायकों ने हाउस बिल्डिंग एडवांस (एचबीए) या मोटर कार एडवांस (एमसीए) लिया हुआ है, उनके लिए विशेष प्रविधान किए गए हैं।