पटना में सरकारी दवाओं की कालाबाजारी का खुलासा, मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी में मिलीं मुफ्त दवाएं और एक्सपायरी स्टॉक

पटना में सरकारी दवाओं की कालाबाजारी का खुलासा, मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी में मिलीं मुफ्त दवाएं और एक्सपायरी स्टॉक

Black marketing of government medicines exposed in Patna

Black marketing of government medicines exposed in Patna

पटना। Black marketing of government medicines exposed in Patna, राजधानी में गरीब मरीजों को मुफ्त मिलने वाली सरकारी दवाएं एक बार फिर मेडिकल स्टोरों में पाई गईं। शिकायत की जांच को औषधि विभाग की टीम ने सोमवार को IGIMS के पास राजाबाजार स्थित सगे भाइयों की दो दुकानों न्यू जनता मेडिकल स्टोर व थोक विक्रेता न्यू चंदन फार्मा में छापेमारी की।

न्यू जनता से आइजीआइएमएस को आपूर्ति किए गए नौ मेडिकल डिवाइस, बीएमएसआइसीएल द्वारा आपूर्ति किए गए नौ इंजेक्शन बरामद किए। इसके अलावा बड़ी मात्रा में छह माह से एक वर्ष पूर्व एक्सपायर हो चुकी दवाएं जब्त की गईं।

वहीं, न्यू चंदन फार्मा में एक्सपायरी दवाएं, सेल बिल नहीं काटने, सेल-स्टाक में अंतर के साथ दो ऐसी दवाएं मिलीं जिनका क्यूआर कोड स्कैन नहीं हो रहा था। इन दोनों दवाओं की बिक्री पर रोक लगाते हुए दो-दो स्ट्रिप कंपनी को भेजी हैं कि यह पता चल सके कि दवा असली है या नकली।

कंपनी का जवाब आने के बाद पता चलेगा कि दवा नकली है असली। भारत सरकार ने ज्यादा बिकने वाले 300 ब्रांड पर क्यूआर स्कैन की व्यवस्था कराई है ताकि ग्राहक देख सकें कि असली है कि नहीं।

सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र महतो ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर अमल कुमार व यशवंत झा के नेतृत्व में शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के राजाबाजार स्थित न्यू जनता मेडिकल व न्यू चंदन मेडिकल स्टोर में छापेमारी की गई। दोनों दुकानों से सरकारी दवाएं व मेडिकल डिवाइस जब्त किए गए।

दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शिकायत मिली थी कि गत दो वर्षों से बिचौलियों का एक नेटवर्क सरकारी दवाओं की खरीद-बिक्री में लगा था। अब इसकी जांच की जा रही है कि आइजीआइएमएस से ये दवाएं व मेडिकल डिवाइस दुकान तक कैसे पहुंचे।

दुकानदार ने कहा-आयुष्मान मरीज दे जाते दवा

न्यू जनता के संचालक आफताब ने औषधि निरीक्षकों को बताया कि वे आइजीआइएमएस में आने वाले आयुष्मान रोगियों के लिए दवाएं बेचने को संस्थान से सम्बद्ध हैं। इलाज के बाद जो दवाएं बच जाती हैं, मरीज के स्वजन उसे वापस कर जाते हैं।

हालांकि, औषधि विभाग मामले की जांच कर रही है, उनका कहना है कि मरीज वापस करने आए तो आपने रखी क्यों, उसे नियमानुसार नष्ट या आइजीआइएमएस को वापस क्यों नहीं किया।

वहीं, कई एक्सपायरी दवाएं भी मिली हैं जो साल-छह माह पहले की एक्सपायर दवाएं मिलीं। माना जा रहा है कि अगमकुआं की तरह यहां भी सरकारी दवाओं से नाट फार सेल या आइजीआइएमएस सप्लाई हटाकर बाजार में बेचा जा रहा था। कुछ मामलों में एक्सपायरी तिथि बदलकर दोबारा बिक्री करने की आशंका है।

आइजीआइएमएस से बाजार तक कैसे पहुंचीं दवाएं

आइजीआइएमएस के उप निदेशक डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि संस्थान से दवाएं दुकानों तक पहुंचने व बिकने की मुझे जानकारी नहीं है। यदि औषधि नियंत्रण प्रशासन जांच करने आता है तो उनका पूरा सहयोग करने के साथ संस्थान प्रशासन अपने स्तर से भी कार्रवाई करेगा।

सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र महतो ने कहा कि टीम आइजीआइएमएस जाकर दवा भंडारण, वितरण और रिकार्ड की जांच करेगी। स्टोर प्रभारी समेत संबंधित कर्मियों से पूछताछ की जाएगी।

जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि अस्पताल के लिए आई दवाएं और मेडिकल डिवाइस बाहर कैसे पहुंचे और इसमें संस्थान के भीतर से किसी की क्या भूमिका रही।

नकली दवा का भी शक, क्यूआर कोड नहीं हुआ स्कैन

न्यू चंदन मेडिकल से बरामद दो ब्रांडेड दवाओं के क्यूआर कोड स्कैन नहीं हो रहे थे। औषधि विभाग ने दोनों दवाओं की बिक्री पर तत्काल रोक लगाते हुए नमूने संबंधित कंपनियों को भेजे हैं।रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि दवाएं असली थीं या नकली। विभाग को आशंका है कि सस्ती जेनरिक दवाओं को महंगे ब्रांड के पैक में बेचा जा रहा था।

छापेमारी में जब्त उपकरण व दवाएं

एल्बुमिन इंजेक्शन, एंटी रैबिज इंजेक्शन, बुप्रेनार्फिन इंजेक्शन, कोडिन युक्त दवाएं, प्राजोसिन, सेफिक्जाइम, एमोक्सिसिलिन-क्लैवनेट, सेफ्ट्रिएक्सोन सेफ्टाजिडाइम, मेरोपेनेम, एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन, कैथेटर एवं अन्य सर्जिकल आइटम।

जेनरिक को ब्रांडेड बनाकर कई गुना कमाई

औषधि विभाग की जांच में यह भी पहलू सामने आया है कि कुछ कारोबारी कम कीमत वाली जेनरिक दवाओं को लोकप्रिय ब्रांड के रैपर में बेच रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर 80 से 120 रुपये की जेनरिक दवा को 300 से 350 रुपये तक में बेचा जा सकता है। इससे मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है और पूरा कारोबार अवैध कमाई का जरिया बन जाता है।