मिशन 2027: यूपी में भाजपा का 'ट्रिपल-S' फॉर्मूला, सरकार, संगठन और संघ ने कसी चुनावी कमर

मिशन 2027: यूपी में भाजपा का 'ट्रिपल-S' फॉर्मूला, सरकार, संगठन और संघ ने कसी चुनावी कमर

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BJP's 'Triple-S' formula in UP; government, organisation

UP Politics/ विशाल सिंह/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनावों को देखते हुए अब ‘ट्रिपल एस’ यानी सरकार, संगठन और संघ के मॉडल पर चुनावी तार को कसा जा रहा है. पार्टी अंदरूनी घमासान, यूजीसी और जातीय उबाल से होने वाले नुकसान से निपटने की रणनीति बना रही है. वहीं नाराज कार्यकर्ताओं को साधने की कसरत भी तेज की गई है. 

यूपी में छह संगठनात्मक क्षेत्र
ट्रिपल एस के पुराने फॉर्मूले के साथ-साथ नए फॉर्मूले पर काम किया जा रहा है, जिनमें सामाजिक समीकरण, संतुलन और संवाद पर फोकस हो रहा है. अलग-अलग क्षेत्रीय समन्वय बैठकों में छात्रों और विभिन्न समूहों में पैठ बढ़ाने पर फोकस भी किया जा रहा है. दरअसल, यूपी 6 बड़े क्षेत्रों में विभाजित है. जिनमें अवध, काशी, पश्चिम, ब्रज, गोरखपुर, बुंदेलखंड हैं.

जानें कहां-कब बैठकों का आयोजन?
28 फरवरी को अवध क्षेत्र की लखनऊ में आयोजित बैठक में सीएम योगी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ ही संघ के सभी बड़े पदाधिकारी शामिल हुए. एक मार्च को काशी क्षेत्र की वाराणसी और दो मार्च को गोरखपुर क्षेत्र में गोरखपुर में ही बैठक आयोजित की गई. आज यानी पांच मार्च को पश्चिम क्षेत्र की समन्वय बैठक गाजियाबाद, छह मार्च को कानपुर और सात को ब्रज क्षेत्र की बैठक आगरा में होगी.
 
हिंदुत्व के एजेंडे पर पूरा फोकस 
बैठक औपचारिक रूप से संगठनात्मक समन्वय के लिए की जा रही है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से इसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है. सरकार की योजनाओं, सामाजिक मुद्दों और संगठन की सक्रियता पर लगातार हो रही चर्चा इसी दिशा का संकेत मानी जा रही है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का फोकस उत्तर प्रदेश पर केंद्रित हो गया है. इसीलिए हिंदुत्व के एजेंडे पर पूरा फोकस भी किया जा रहा है.

किसकी जिम्मेदारी हुई तय?
संघ के प्रकरणों को सरकार, मंत्री और पार्टी के संगठन तक पहुंचाने पर भी फोकस किया जा रहा है. इसके लिए मुख्यमंत्री के स्तर वाले मामलों में समन्वय प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के लिए पहले ही तय हो चुका है. मंत्रियों के स्तर वालों मामलों की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्या को दी जा चुकी है. भाजपा संगठन से संबंधित मामलों की जिम्मेदारी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह को दी जा चुकी है.

गांव स्तर तक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार
संघ और भाजपा के कार्यक्रमों में यूपी सरकार के मंत्रियों की भी भागीदारी बढ़ेगी और इसके लिए गांव स्तर तक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार हो रही है, जिससे भाजपा गांव तक मजबूत हो सकेगी. संघ और भाजपा आपसी तालमेल और समन्वय के साथ विभिन्न अभियानों के जरिए घर-घर तक पहुंच बनाएंगे और सरकार की नीतियों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जाएगा.

वैचारिक मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की भी तैयारी
सूत्रों के अनुसार, संघ की ओर से शाखाओं और आनुषांगिक संगठनों के जरिये बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की योजना बनाई गई है. हर बूथ पर संपर्क प्रमुख तय करने और वोटर लिस्ट का बारिकी से अध्ययन पर जोर दिया जा रहा है. चुनावी माहौल में राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक पहचान और समान नागरिक संहिता जैसे वैचारिक मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की भी तैयारी है. सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए पिछड़े, दलित और शहरी मध्यमवर्ग के बीच विशेष संपर्क अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है.

जमीनी कार्यकर्ताओं से रिपोर्ट लेकर रणनीति में बदलाव किए जाएंगे. फिलहाल, समन्वय बैठकों की टाइमिंग विशेष रूप से बड़े राजनीतिक संकेत दे रही है, जो 2027 के लिए भाजपा के लिए राहे आसान करेगी.