उत्तराखंड में बूथ स्तर पर फोकस बढ़ाएगी भाजपा, नितिन नवीन ने तैयार किया नया चुनावी प्लान
BJP to increase booth-level focus in Uttarakhand
देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने उत्तराखंड प्रवास में संगठन को मजबूत करने की कवायद अवरोही क्रम अर्थात संगठन की ऊपरी इकाई से निचले क्रम में शुरू की।
इसके पीछे उनका उद्देश्य था कि प्रदेश कोर कमेटी में बनी कार्ययोजना को अंतिम इकाई तक पहुंचाकर उसका धरातल पर पालन कराया जा सके।
सबसे पहले कोर कमेटी के साथ बैठक में उन्होंने अपनी इसी योजना को मूर्तरूप दिया। भाजपा के 16 रणनीतिकारों के साथ हुई चर्चा में यह निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड के 11 हजार से अधिक बूथ अब भाजपा की चुनावी राजनीति के सबसे बड़े रणक्षेत्र बनेंगे।
नितिन नवीन ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को सीधे बूथ केंद्रित माडल पर खड़ा करने का प्लान तैयार किया।
दरअसल भाजपा नेतृत्व का मानना है कि अब चुनाव अब सीधे बूथ से तय होते हैं। यही वजह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे के बाद बूथ रचना को मजबूत करने पर सबसे अधिक जोर दिया।
इसके लिए उन्होंने संगठन को पूरा प्लान समझाया। कहा, भाजपा की रणनीति का पहला चरण बूथों की समीक्षा से शुरू होगा। जिन बूथों पर पार्टी पिछली बार कमजोर रही, कम अंतर से हारी या जहां संगठन निष्क्रिय दिखा, वहां विशेष फोकस किया जाएगा।
पार्टी हर बूथ को अलग चुनावी इकाई मानकर उसका राजनीतिक प्रोफाइल तैयार करेगी। किस बूथ पर किस जातीय, सामाजिक या क्षेत्रीय समीकरण का प्रभाव है, कौन से स्थानीय मुद्दे मतदाताओं को प्रभावित कर रहे हैं और विपक्ष की पकड़ कहां मजबूत है, इसका विस्तृत आकलन किया जाएगा।
इसी रणनीति के तहत भाजपा कोर कमेटी के 17 सदस्य अगले तीन महीनों तक 70 विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो दिन का प्रवास करेंगे।
पार्टी बूथों तक केवल राजनीतिक चर्चा नहीं करना चाहती, बल्कि स्थानीय समस्याओं को सरकार तक पहुंचाकर उनके समाधान को भी संगठन की जिम्मेदारी से जोड़ना चाहती है। यानी बूथ कार्यकर्ता केवल चुनाव प्रचारक नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभाएंगे।
पन्ना प्रमुख व्यवस्था को भी भाजपा अधिक धार देने की तैयारी में है। मतदाता सूची के हर पन्ने के लिए जिम्मेदार कार्यकर्ता तय होंगे, जिनका काम केवल चुनाव के समय वोट मांगना नहीं, बल्कि पूरे कार्यकाल में मतदाताओं से संवाद बनाए रखना होगा।
पार्टी हर बूथ पर लगातार बैठकें, घर-घर संपर्क अभियान और छोटे स्तर के जनसंवाद कार्यक्रम चलाएगी। पिछले चुनाव में भाजपा ने प्रत्येक बूथ पर 10 बैठकें करने का लक्ष्य रखा था, अब उसे और अधिक विस्तार देने की तैयारी है।
डिजिटल मोर्चे पर भी भाजपा बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। इंटरनेट मीडिया, वाट्सएप ग्रुप और आईटी नेटवर्क को हर विधानसभा में सक्रिय किया जाएगा, ताकि विपक्ष के आरोपों और राजनीतिक नैरेटिव का तुरंत जवाब दे सकें। पार्टी का मानना है कि चुनावी लड़ाई अब मोबाइल स्क्रीन पर भी बराबरी से लड़ी जाएगी।