BJP Speeds Up Formation

भाजपा में नई केंद्रीय टीम गठन की कवायद तेज, यूपी समेत कई राज्यों पर जल्द होगा फैसला

pp

BJP Speeds Up Formation

भारतीय जनता पार्टी में नई केंद्रीय टीम के गठन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के बीच लगातार संवाद जारी है। माना जा रहा है कि केंद्रीय टीम के साथ-साथ उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की संगठनात्मक टीम और प्रदेश अध्यक्षों को लेकर भी जल्द फैसला लिया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार पार्टी अगले महीने से आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी तेज करने जा रही है। अगले वर्ष की शुरुआत में उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे देखते हुए संगठनात्मक बदलावों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने 20 जनवरी को अपना कार्यभार संभाला था। हालांकि चार महीने बीतने के बाद भी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा नहीं हो सकी। बीच में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के कारण प्रक्रिया में देरी हुई, लेकिन अब पार्टी इसे जल्द अंतिम रूप देना चाहती है।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने हाल ही में संघ के उन पदाधिकारियों से लंबी बैठक की, जो भाजपा समेत राजनीतिक मामलों को देखते हैं। माना जा रहा है कि रविवार को इस मुद्दे पर अंतिम दौर की बैठक हो सकती है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के दिल्ली से बाहर होने के कारण अंतिम मुहर नहीं लग पाई है, लेकिन 25 मई के बाद नई टीम का ऐलान संभव माना जा रहा है।

दिल्ली में दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ गई है। खासकर यूपी भाजपा से जुड़े कई नेता संगठन में जिम्मेदारी पाने के लिए राजधानी में डेरा डाले हुए हैं। पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पिछले कई दिनों से दिल्ली में मौजूद हैं। उनकी भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के साथ बैठकें भी हो चुकी हैं।

नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा की यात्रा सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के संकल्प से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना, सेवा और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के विचार की ऐतिहासिक यात्रा है।

पटना में अपने जन्मदिन पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1951 में स्थापित भारतीय जनसंघ से लेकर भाजपा तक की यात्रा संघर्ष और कार्यकर्ताओं की तपस्या का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति उसकी राष्ट्रवादी विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ता हैं।

सूत्रों के अनुसार आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कुछ मौजूदा पदाधिकारियों को नई टीम से बाहर किया जा सकता है। इनमें ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जिन्हें पार्टी चुनाव लड़ाने पर विचार कर रही है या जो स्वयं टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।