दलित वोट बैंक पर भाजपा की नजर, 317 सीटों पर जनसभाओं की तैयारी

दलित वोट बैंक पर भाजपा की नजर, 317 सीटों पर जनसभाओं की तैयारी

BJP eyes Dalit vote bank

BJP eyes Dalit vote bank

लखनऊ। प्रदेश में विधानसभा और पंचायत की चुनावी हवा बहने के बीच राजनीतिक दलों ने जातीय गुणागणित की कसरत तेज कर दिया है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की सक्रियता और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए प्लान की काट के लिए भाजपा ने सोशल इंजीनियरिंग पर नए सिरे से होमवर्क किया है।

भाजपा उत्तर प्रदेश में दलित वोटों की गठरी कसने के लिए पार्टी अनारक्षित 317 विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा करेगी। मंत्री असीम अरुण की अगुवाई में डॉ.भीमराव अंबेडकर के दर्शन, विचार और योगदान पर फोकस किया जाएगा। भावनात्मक कनेक्ट बढ़ाने के लिए समाज को यह भी बताया जाएगा कि कैसे कांग्रेस समेत अन्य दलों ने बाबा साहब को छला, जबकि मोदी-योगी सरकार ने उन्हें भारत रत्न देने, पंचतीर्थ बनाने के साथ ही दलितों के कल्याण की कई योजनाएं संचालित की हैं।

भाजपा की नजर वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव का परिणाम दोहराने पर है, जब 403 में आरक्षित 86 सीटों पर 71 पर भाजपा जीत गई थी, जो 2022 में घटकर 60 रह गई। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राम चंद्र कनौजिया का कहना है कि प्रत्येक मंडलों से 50-50 कार्यकर्ताओं की सूची बनाकर प्रदेश इकाई को दी जाएगी। प्रदेश की 403 में से 86 विधानसभा सीटें आरक्षित हैं, जिसे छोड़कर अनुसूचित मोर्चा शेष 317 सीटों पर बैठक करेगा। पार्टी मार्च में इसका रोडमैप तैयार कर लेगी।
2014 के लोकसभा एवं 2017 के विधानसभा चुनाव में दलित वोट बड़ी संख्या में भाजपा से जुड़ा, लेकिन 2022 विधानसभा एवं 2024 लोकसभा चुनाव में इसमें गिरावट देखी गई। संविधान बदलने के नैरेटिव से दलित वोट भाजपा से तेजी से दूर हुआ, जिसका असर ये रहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में प्रदेश में पार्टी 62 से सिर्फ 33 सीटों पर सिमट गई।
पार्टी अब ऐसी चूक नहीं होने देना चाहती, ऐसे में जिला एवं प्रदेश इकाई में बड़ी संख्या में दलित चेहरों का समायोजन दिख सकता है। 2024 लोकसभा चुनाव में झटका खाने के बाद भाजपा दलितों को साधने में नए सिरे से जुटी है। अनुसूचित मोर्चा ने पिछले माह कांशीराम समेत 15 दलित महापुरुषों से जुड़ी 26 तिथियों को लेकर एक कैलेंडर तैयार किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 दिसंबर को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा पार्क में संबोधन में बिजली पासी, बिरसा मुंडा, डॉ. भीमराव अंबेडकर समेत कई दलित महापुरुषों को विशेष सम्मान दिया। एक फरवरी को वाराणसी के गोवर्धनपुर में संत रविदास स्मारक एवं प्रतिमा का अनावरण किया।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 15 जनवरी को जाटव समाज से आने वाले पूर्व राष्ट्रीय महासचिव दिवाकर सेठ के घर पहुंचकर खिचड़ी का प्रसाद लिया। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने बीते वर्ष सभी जिलों में अनुसूचित मोर्चे के साथ मीटिंग कर जमीन मजबूत किया। इस वर्ष 13 जनवरी को लखनऊ में आयोजित विकसित भारत-जी राम जी की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मोर्चों में से सिर्फ अनुसूचित और किसान मोर्चा को बुलाया गया।

प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह का कहना है कि केंद्र एवं राज्य सरकार ने दलितों के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किया। उनका स्वाभिमान ऊपर रखा। डा. अंबेडकर समेत कई दलित महापुरुषों का सम्मान किया। अनुसूचित मोर्चा विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा कर उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की नीतियों से अवगत कराएगा।