बिहार पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव, कई जिलों में SP पद को अपग्रेड कर बनाया गया SSP, ग्रामीण पुलिस व्यवस्था भी हुई तय

Major overhaul in the Bihar Police administration

Major overhaul in the Bihar Police administration

पटना। Major overhaul in the Bihar Police administration, बिहार पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव किया गया है। राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और गया की तर्ज पर अब समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली, सिवान और पूर्वी चंपारण में भी वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) का पद सृजित कर दिया गया है। इन जिलों में अब तक पुलिस अधीक्षक (SP) तैनात थे, जिनके पदनाम को बदलकर एसएसपी कर दिया गया है।

पुलिस मुख्यालय ने जारी किया संकल्प

पुलिस मुख्यालय ने शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक संकल्प जारी कर दिया। यह फैसला इन जिलों में हाल ही में ग्रामीण एसपी (Rural SP) के नए पद सृजित किए जाने के बाद लिया गया है। अब जिले में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा किया जाएगा।

ग्रामीण एसपी का भी तय हुआ कार्यक्षेत्र

नए आदेश के साथ ही पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान में नियुक्त ग्रामीण एसपी के अधिकार क्षेत्र भी तय कर दिए गए हैं।

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि एक जिले में एक से अधिक एसपी स्तर के अधिकारी होने से अधिकारों के टकराव की स्थिति न बने, इसलिए सभी के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी गई हैं।

किन इलाकों की जिम्मेदारी किसके पास?

मोतिहारी के ग्रामीण एसपी के अधीन सिकरहना, पकड़ीदयाल और रक्सौल अनुमंडल के थाने रहेंगे। समस्तीपुर ग्रामीण एसपी के जिम्मे रोसड़ा, दलसिंहसराय और पटोरी अनुमंडल आएंगे।

वहीं मधुबनी ग्रामीण एसपी झंझारपुर, बेनीपट्टी, जयनगर और फुलपरास अनुमंडल के थानों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

वैशाली और पूर्वी चंपारण में भी नई व्यवस्था

वैशाली ग्रामीण एसपी के अंतर्गत महाराजगंज, मैरवा और आंदर अनुमंडल के थाने रहेंगे। वहीं पूर्वी चंपारण में अरेराज और चकिया अनुमंडल में दर्ज मामलों की निगरानी पहले की तरह जिला एसएसपी के स्तर पर ही की जाएगी।

इससे जांच और कानून-व्यवस्था की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

पुलिस व्यवस्था होगी और मजबूत

राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय का मानना है कि नई व्यवस्था से बड़े जिलों में पुलिस प्रशासन अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा।

जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और मामलों के त्वरित निष्पादन में भी मदद मिलेगी।