भगवंत मान वीडियो विवाद ने पकड़ा तूल, एफआईआर के बाद आम आदमी पार्टी और हरियाणा पुलिस आमने-सामने

भगवंत मान वीडियो विवाद ने पकड़ा तूल, एफआईआर के बाद आम आदमी पार्टी और हरियाणा पुलिस आमने-सामने

Bhagwant Mann video controversy escalates

Bhagwant Mann video controversy escalates

चंडीगढ़। Bhagwant Mann video controversy escalates, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विवादित वीडियो मामले में मंगलवार को नया विवाद जुड़ गया। एफआईआर के बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार है, कुछ भी करवा सकती है। एफआईआर की कहानी मनगढ़ंत व फर्जी है।

अगर भाजपा सच सामने लाने में सचमुच दिलचस्पी रखती है तो वह इस बात की जांच क्यों नहीं कर रही है कि यह वीडियो किसने बनाया, इसमें किसने अभिनय किया, इसे किसने फाइनेंस किया और इसे प्रसारित करने के लिए कौन जिम्मेदार था?

दूसरी तरफ हरियाणा पुलिस ने बताया कि गुरुग्राम से गिरफ्तार किए दो आरोपितों में सिरसा का निवासी अरुण महेंद्रू और जींद का रहने वाला अंकित शामिल है।

जस्सी पर रिपोर्ट बनाने का डाला दबाव

उन्होंने जिन दो अलग-अलग लैब साइबर यान और साइपर सेंटिनल से रिपोर्ट बनाई, वह भौतिक रूप से कहीं मौजूद नहीं हैं। यह कार्रवाई सिरसा के डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत जस्सी की शिकायत पर की गई।

जस्सी ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम के होटल में पंजाब सरकार के अधिकारियों के साथ उसकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने उस पर रिपोर्ट बनाने का दबाव डाला था। इसके लिए 10 लाख रुपये भी दिए थे।

वीडियो को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ विरोधी व गुरु विरोधी करार दिया था।

सीएम ने वीडियो को बताया फर्जी

तीन दिन बाद मुख्यमंत्री ने वीडियो को फर्जी बता कहा था कि वीडियो में जो शख्स नजर आ रहा है, वह कोई और है। कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा और प्रदेश के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भी दोनों फोरेंसिक रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि फोरेंसिक लैब में 1100 से अधिक फ्रेम्स की जांच से भी यह सिद्ध हो गया है कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति मुख्यमंत्री से मेल नहीं खाता।

शिकायतकर्ता ने बताया, वॉट्सएप नंबर से आया फोन

शिकायतकर्ता जसप्रीत ने बताया कि वह फोरेंसिक और साइबर संबंधी तकनीकी कार्यों से जुड़े हैं। 15 जून को उनके पास एक व्यक्ति का वॉट्सएप नंबर पर फोन आया।

उसने खुद को पंजाब सरकार का एक अधिकारी बताया और कहा कि उसे एक काम करना है। मुख्यमंत्री पंजाब का एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसकी जांच रिपोर्ट बनवानी है। मना किया, तब अधिकारी ने कहा कि आपकी दिल्ली में किसी लैब में जानकारी होगी, उनमें से किसी लैब से बनवा दो।