चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धा के नाम पर 'डिजिटल ठगी' से बचें, एसएसपी हरिद्वार ने जारी की सख्त चेतावनी

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धा के नाम पर 'डिजिटल ठगी' से बचें, एसएसपी हरिद्वार ने जारी की सख्त चेतावनी

Beware of Digital Fraud in the Name of Faith

Beware of 'Digital Fraud' in the Name of Faith

हरिद्वार। Beware of 'Digital Fraud' in the Name of Faith, चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू होते ही पुलिस और प्रशासन ने सतर्क बढ़ा दी है। पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन के नाम पर बढ़ी ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा इंतजाम पहले से और मजबूत किए जा रहे हैं।

साइबर सेल की टीम को संदिग्ध वेबसाइट पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, एसओजी और खुफिया विभाग को भी चौकस किया गया है। इसके अलावा आमजन व खासतौर पर श्रद्धालुओं को सजग किया जा रहा है कि अधिकृत वेबसाइट पर ही ऑनलाइन बुकिंग कराएं। कम खर्च के लालच में किसी के झांसे में न आएं।

चारधाम यात्रा के दौरान देश भर से हर साल औसतन 50 से 55 लाख से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में 51 लाख से अधिक और 2023 में 56 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन किए। जिसमें केदारनाथ में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। जबकि इस साल 2026 में यात्रा के लिए अभी तक आठ लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जिससे नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है। हर साल कई श्रद्धालु होटल, धर्मशाला, हेली व टैक्सी बुकिंग के नाम पर ठगी का शिकार हो जाते हैं।

फर्जी वेबसाइट, व्हाट्सऐप मैसेज, एसएमएस और इंटरनेट मीडिया विज्ञापनों के जरिए श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जा रहा है। ये गिरोह आकर्षक ऑफर और सस्ती बुकिंग का लालच देकर श्रद्धालुओं से एडवांस पेमेंट करा लेते हैं, लेकिन मौके पर पहुंचने पर बुकिंग फर्जी निकलती है। पिछले वर्ष उत्तराखंड पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने अभियान चलाकर कई फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध मोबाइल नंबर और बैंक खातों को ब्लॉक किया था। इसके बावजूद ठग नए-नए तरीकों से सक्रिय हो रहे हैं।

इसी को देखते हुए इस साल भी साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से निगरानी तेज कर दी है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि श्रद्धालु किसी भी अनजान लिंक, कॉल या संदेश के जरिए बुकिंग न करें। केवल अधिकृत और सत्यापित प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही होटल, हेलीकॉप्टर या टैक्सी की बुकिंग करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।

यात्रा सीजन के दौरान ऑनलाइन ठगी रोकने के लिए पुलिस, एलआईयू व साइबर सेल को अलर्ट कर दिया गया है। ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार इंटरनेट मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए हैं। थोड़ी सी सावधानी से बड़ी ठगी से बचा जा सकता है। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे लालच में न आएं और सुरक्षित माध्यम से ही यात्रा की तैयारी करें, ताकि उनकी आस्था की यात्रा सुरक्षित और सुखद बन सके। - नवनीत सिंह, एसएसपी हरिद्वार