ISIS मॉड्यूल से जुड़ा BDS का छात्र, पाकिस्तान और विदेश में बैठे हैंडलरों से जुड़े लिंक

ISIS मॉड्यूल से जुड़ा BDS का छात्र, पाकिस्तान और विदेश में बैठे हैंडलरों से जुड़े लिंक

Suspect Linked ISIS Module Arrested

Suspect Linked ISIS Module Arrested

लखनऊ/सहारनपुर : Suspect Linked ISIS Module Arrested: UP ATS ने आतंकी संगठन ISIS से जुड़े संदिग्ध को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है. संदिग्ध हारिश अली (19) देश में शरिया कानून लागू कराने के लिए काम कर रहा था. ऑनलाइन माध्यम से कई ग्रुप्स बनाकर ISIS की जिहादी विचारधरा को फैला रहा था. ग्रुप में जेहादी विचारधारा के लोगों की भर्ती भी कर रहा था. हारिश मुरादाबाद में रहकर डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा था. बीडीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है.

एटीएस को काफी दिनो से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. गहन जांच पड़ताल के बाद लखनऊ स्थित एटीएस थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था. रविवार को हारिश अली को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया. संदिग्ध हारिश पुत्र रियासत अली सहारनपुर के थाना कुतुबशेर इलाके के मानकमऊ का रहने वाला है. ATS को आतंकी संगठन से जुड़े होने के सबूत भी हाथ लगे हैं. ATS हारीश अली से पूछताछ कर रही है.

ATS ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि उत्तर प्रदेश सहित भारत के अन्य राज्यों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के आतंकी मॉडयूल के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहा था. लोगों को भड़काने और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने तथा ग्रुप्स बनाकर आतंकी गतिविधियों में लोगों को शामिल करने के लिए प्रेरित करता था.

अभियुक्त देश में ISIS मॉड्यूल के हैंडलरों व ISIS के अन्य मुजाहिद साथियों के साथ जुड़कर चुनी गयी लोकतान्त्रिक सरकार गिराकर, खिलाफ़त व्यवस्था के अंतर्गत शरिया कानून लाना चाहता था. हारिश ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्माें जैसे इंस्टाग्राम व इनक्रिप्टेड एप्स यथा सेशन व डिसकॉर्ड आदि पर छद्म नामों से वीपीएन आदि प्रयोग करते हुए ISIS समर्थित ग्रुप्स बनाए थे. उसमें ज्यादा से ज्यादा जेहादी ख्याल रखने वाले लोगों को रिक्रूट कर रहा था. इन ग्रुपों में ISIS के मीडिया चैनलों, पत्रिकाओं, प्रचार-प्रसार की सामग्रियों, आतंकी विचारधाराओं व मारे गए आतंकियों के चित्र, वीडियो व ऑडियो साझा करता था.

हारिश का नेटवर्क भारत के साथ साथ पाकिस्तान तथा विदेश के अन्य हैंडलरों के साथ भी था. भारत में ISIS के आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए 'अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन' ग्रुप भी बनाया था. हारिश ने बताया कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता है और शरिया कानून लागू कर खिलाफत व्यवस्था, जो ISIS का एक मात्र उद्देश्य है, को जंग-ए-जेहाद कर स्थापित करना चाहता था. जिसके लिए ग्रुप्स में लोगों को फिदायीन हमले करने के लिए प्रेरित करता था.