बदरीनाथ धाम में साधना के दौरान बागेश्वर बाबा को मिला अद्भुत अनुभव
Bageshwar Baba got a wonderful experience during
गोपेश्वर (चमोली)। Bageshwar Baba got a wonderful experience during, बदरीनाथ धाम की गुफा में साधना के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चौंकाने वाले और दिव्य अनुभव हुए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि मध्य रात्रि के बाद जब वे गुफा में साधना करके सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनकी गुफा की खिड़की पर जोर से आवाज हुई, जैसे किसी ने लात मारी हो।
उन्होंने बाहर जाकर गुफा का चक्कर लगाया तो कोई नहीं नजर आया, तभी ऋषिगंगा के ऊपर पहाड़ी पर सफेद कपड़े पहने करीब 19 फीट ऊंची एक दिव्य महात्मा की आकृति दिखाई दी।
बदरीनाथ धाम में साधना और कथा संपन्न करने के बाद बाबा बागेश्वर अब वापस अपने धाम लौट गए हैं। उन्होंने गुफा के अद्भुत अनुभवों को विस्तार से बताया। कहा, जब उनकी गुफा की खिड़की पर जोर से लात लगने जैसी आवाज आई तो वे भयभीत नहीं हुए।
उन्होंने गुफा से बाहर निकलकर चारों तरफ चक्कर लगाया लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था। तभी उनकी नजर ऋषिगंगा के ऊपर स्थित चट्टान पर पड़ी, जहां 19 फीट लंबे एक साधु वेशधारी महात्मा खड़े थे। इस दृश्य को देखकर मन में थोड़ा डर जरूर लगा, जिसके बाद वे वापस गुफा के भीतर चले गए।
सुबह होने पर जब उन्होंने इस घटना के बारे में अपने गुरु जी से चर्चा की, तो गुरु जी ने बताया कि इस क्षेत्र में यक्ष आदि घूमते रहते हैं, जो अक्सर साधकों की तपस्या में विघ्न डालने का प्रयास करते हैं।
इस पर बागेश्वर बाबा ने दोबारा गुरु जी से पूछा कि 18-19 फुट लंबे साधु वेशधारी कौन थे, इस पर गुरु जी ने उन्हें बताया कि बदरनीथ संतों और महापुरुषों की पावन भूमि है।
यहां महावतार बाबा जैसे महान सिद्ध पुरुष अदृश्य रूप में विचरण करते हैं, जो हमेशा सच्चे संतों और साधकों की रक्षा में तत्पर रहते हैं।