बदरीनाथ दान-चढ़ावा प्रकरण: 23 साल पहले अस्थायी कर्मचारी के रूप में जुड़े थे प्रमोद नौटियाल, अब जांच के घेरे में

बदरीनाथ दान-चढ़ावा प्रकरण: 23 साल पहले अस्थायी कर्मचारी के रूप में जुड़े थे प्रमोद नौटियाल, अब जांच के घेरे में

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Badrinath donation-offering case

देहरादून । Badrinath donation-offering case: बदरीनाथ दान-चढ़ावा प्रकरण में आरोपित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की बीकेटीसी में पिछले 23 सालों से काम रहा है।

वर्ष 2003 में बीकेटीसी में निकली इंटरनेट कोआर्डिनेटर की अस्थायी नौकरी के आवेदन में उसने बताया था कि वह पिछले तीन वर्षों यानी कि वर्ष 2000 से ब्लैसनेट इंडिया प्रा. लि., मुंबई में कार्यरत हैं।

आवेदन पत्र में नौटियाल ने दावा किया था कि यह कंपनी बदरीनाथ, केदारनाथ समेत उत्तराखंड के कई मंदिरों की वेबसाइट का संचालन करती है। उसे वेबसाइट संचालन का अच्छा अनुभव है। उस समय बीकेटीसी अपनी आधिकारिक वेबसाइट शुरू करने की तैयारी में थी।

8,000 मासिक मानदेय पर नियुक्त

वेबसाइट के संचालन और तकनीकी प्रबंधन के लिए अनुभवी व्यक्ति की आवश्यकता को देखते हुए उसके आवेदन पर विचार किया गया। अनुभव के दावे के आधार पर उसे अक्टूबर, 2003 में इंटरनेट कोआर्डिनेटर के रूप में 8,000 मासिक मानदेय पर नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी थी।

नियुक्ति आदेश में साफ उल्लेख था कि यदि उनका कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया तो बिना पूर्व सूचना के उसकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। उस समय उसे किसी भी प्रकार की स्थायी सेवा या नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया था।

यही अस्थायी नियुक्ति आगे चलकर स्थायी सेवा में बदल गई और वर्षों बाद वही कर्मचारी आज बदरीनाथ दान-चढ़ावा प्रकरण में आरोपित पाया गया है। अब उनकी शुरुआती नियुक्ति से लेकर बाद में मिले अतिरिक्त प्रभार और स्थायी समायोजन तक का पूरा सेवा रिकार्ड चर्चा का विषय बना हुआ है।

11 दिन बाद ही वैयक्तिक सहायक का आवेदन

प्रमोद नौटियाल की बीकेटीसी के तंत्र में अच्छी सांठगांठ थी। यही वजह रही कि जिस इंटरनेट कोआर्डिनेटर के पद पर उसकी नियुक्ति हुई उस पद का मूल काम उसने 40 दिन ही किया।

बीकेटीसी के अनुसार 28 जून, 2014 को प्रमोद नौटियाल को इंटरनेट कोआर्डिनेटर के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, 11 दिन बाद ही नौ जुलाई, 2014 को उसने वैयक्तिक सहायक के पद के लिए आवेदन कर दिया। एक माह बाद नौ अगस्त, 2014 को उसे वैयक्तिक सहायक का प्रभार दे दिया गया। इसके बाद वह लगातार बीकेटीसी के अध्यक्ष का अस्थायी या स्थाई वैयक्तिक सहायक बना रहा।

अब तक खाली है इंटरनेट कोआर्डिनेटर का पद

जनवरी, 2018 में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कराकर प्रमोद नौटियाल का इंटरनेट कोआर्डिनेटर से वैयक्तिक सहायक पद पर स्थायी समायोजन करा दिया गया। इसके बाद से इंटरनेट कोआर्डिनेटर का पद अब तक खाली है। इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई है।