Ayushman Bharat Scheme Faces Crisis

हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना पर संकट, निजी अस्पतालों ने दी योजना छोड़ने की चेतावनी

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Ayushman Bharat Scheme Faces Crisis

हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना को लेकर बड़ा संकट खड़ा होता नजर आ रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हरियाणा ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य संरक्षण प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर गंभीर चेतावनी दी है। डॉक्टरों और निजी अस्पतालों ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे योजना से सामूहिक रूप से बाहर हो सकते हैं। इससे प्रदेश में लाखों मरीजों को मिलने वाली मुफ्त इलाज की सुविधा प्रभावित हो सकती है।

IMA हरियाणा ने अपने पत्र में भुगतान में हो रही भारी देरी को सबसे बड़ी समस्या बताया है। अस्पतालों का कहना है कि नियमों के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत किए गए इलाज का भुगतान 15 दिनों के भीतर होना चाहिए, लेकिन सितंबर 2025 से अब तक करोड़ों रुपये के क्लेम लंबित पड़े हैं। अस्पतालों का आरोप है कि विभाग की ओर से उठाई गई आपत्तियों का जवाब देने के बावजूद भी भुगतान जारी नहीं किया जा रहा, जिससे निजी अस्पतालों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

इसके अलावा IMA ने योजना से जुड़ी कमेटियों में प्रतिनिधित्व की कमी का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद अभी तक IMA हरियाणा के अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि को ‘एम्पैनलमेंट और ग्रीवेंस कमेटी’ में शामिल नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, इन कमेटियों की पिछले पांच महीनों से कोई बैठक भी नहीं हुई है, जिसके कारण नए अस्पतालों को पैनल में शामिल करने और नई स्पेशलिटी को मंजूरी देने की प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है।

IMA हरियाणा के अनुसार 7 अप्रैल को हुई बैठक में सभी सूचीबद्ध अस्पतालों ने सर्वसम्मति से अपने सरेंडर लेटर संगठन के अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया है। पत्र में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि 20 अप्रैल 2026 तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो अस्पतालों के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं जारी रखना संभव नहीं होगा।