गुंटूर में महिला पर निर्वस्त्र कर मार पीट को छिपाई गई : अंबाती रामबाबू
Assault on woman involving stripping her naked in Guntur
( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
अमरावती : : (आंध्र प्रदेश) 18 जुलाई: - राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री अंबाटी रामबाबू और विपक्ष पार्टी के गुंटूर ईस्ट की इंचार्ज नूरी फातिमा ने तेलुगु देशम पार्टी के नेतृत्व वाली भाजपा, जनसेना,गठबंधन सरकार पर गुंटूर में एक महिला पर हुए बर्बर हमले की बात जानबूझकर छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस घटना से कानून-व्यवस्था के फेल होने और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को बचाने के लिए पुलिस मशीनरी के गलत इस्तेमाल का पता चलता है। राज्य के विपक्ष वाईएसआर पार्टी केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तेलुगु देशम पार्टी के नेता मल्लेला मूर्ति और उनके साथियों ने पीड़िता के कपड़े उतारकर बेरहमी से हमला किया, लेकिन सरकार ने न्याय देने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की।
अंबाती रामबाबू ने कहा कि यह हमला मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को इसके बारे में पता चलने के दावे से तीन दिन पहले ही हो चुका था, जिससे सरकार का झूठ बेनकाब हो गया। उन्होंने कहा कि पीड़िता और उसके बेटे पर बेरहमी से हमला किया गया और उसी दिन पुलिस स्टेशन जाने के बावजूद कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। आखिरकार 16 जुलाई को मामला दर्ज होने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। सीसी टी वी फुटेज सामने आने और लोगों का गुस्सा बढ़ने के बाद ही मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक और पुलिस हरकत में आए, जिसके बाद मूर्ति को TDP से सस्पेंड करने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि YSRCP नेताओं के दौरे की घोषणा के बाद पीड़िता के परिवार को पूछताछ के नाम पर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी स्थानीय विधायक की देखरेख में अवैध वसूली से जुड़े विवाद को दबाने की कोशिश कर रही है और पुलिस को बलि का बकरा बना रही है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा में बार-बार नाकामी के लिए गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता के इस्तीफे की मांग की।
नूरी फातिमा ने कहा कि गुंटूर की विधायक गल्ला माधवी के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति और खराब हो गई है। उनके संरक्षण के कारण उनके समर्थक पुलिस मशीनरी का गलत इस्तेमाल करते हुए अत्याचार करने के लिए बेखौफ हो गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि गुंटूर में, जहां राज्य महिला आयोग का मुख्यालय भी है, दिन-दहाड़े किसी महिला के कपड़े कैसे उतारे जा सकते हैं? उन्होंने पूछा कि क्या सार्वजनिक रूप से महिलाओं के कपड़े उतारना गठबंधन के "रेड बुक संविधान" का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई होती तो ऐसी घटनाएं कभी नहीं होतीं और उन्होंने जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही की मांग की ।