Arbitrary toll plaza, long lines, rude staff
Toll-Plaza-Panchkila

Arbitrary toll plaza, long lines, rude staff

मनमानियों का टोल प्लाजा, लंबी लाइनें, बदतमीज स्टाफ

अर्थ प्रकाश/साजन शर्मा

चंडीगढ़। पंचकूला से यमुनानगर की ओर एनएच: 73 हाइवे  (NH-73 Highway) पर पंचकूला के नजदीक बसे कस्बे बरवाला (Barwala) के पास जलौली टोल प्लाजा लगाया गया है। यह टोल प्लाजा (toll plaza) लगातार लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। स्टीकर स्कैन करने के लिए टोल प्लाजा (toll plaza) पर लगे स्कैनर बीते काफी समय से सही काम नहीं कर रहे। इसके चलते यहां लंबी लंबी वाहनों की लाइनें लग जाती हैं। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां टोल प्लाजा (toll plaza) की पूरी लेन भी नहीं खोली जाती। यहां आने जाने में केवल दो या कभी कभार तीसरी लेन (दोनों तरफ) खुलती है। यह भी वाहनों की लंबी लाइनें लगने का प्रमुख कारण है।
 

टोल प्लाजा (toll plaza) से गुजरने वाले लोगों के मुताबिक दिन का कोई वक्त हो यहां गाडिय़ों की लंबी लंबी लाइनें लगती हैं। बरवाला ब्लॉक में जाने वाले टीचरों ने अपनी शिकायत में बताया कि एक एक वाहन के फॉस्टटैग स्टीकर को स्कैन करने में यहां 2 से 3 या कई बार तो 4 मिनट तक का समय लगता है। इनकी लिखित शिकायत के मुताबिक टोल प्लाजा के स्टाफ से जब पूछो तो स्कैनर मशीन के खराब होने की बात कहते हैं या नेटवर्क डाउन होकर लोगों को टालते हैं। 

तय समय से ज्यादा टोल प्लाजा के पास खड़ा किया जाता वाहन को

नेशनल हाइवे अथॉरटी (National Highway Authority) का हालांकि नियम है कि एक तय समय से ज्यादा वाहन को टोल प्लाजा के पास खड़ा नहीं किया जा सकता लेकिन इस आदेश की टोल प्लाजा संचालकों को कोई परवाह नहीं। जब इसके लिए इन्हें टोको तो यहां तैनात स्टाफ झगड़े को उतारु हो जाता है। अगर ज्यादा समय लगने को लेकर कोई इन्हें टोके तो ये बद्तमीजी पर उतारु हो जाते हैं। यह टोल प्लाजा तैनात स्टाफ की मनमानियों का टोल प्लाजा बनता चला जा रहा है। इस टोल प्लाजा के दोनों ओर दस से भी ज्यादा लेन हैं लेकिन ऐसा कभी कभार ही होता है कि ये सारी लेन खुलती हों। 
 

दो लेन खोलकर ही निकाला जाता है वाहनों को

लोगों का ऑफिस आने का या वापिस आने का वक्त हो यहां आने-जाने के लिए केवल दो लेन खोलकर ही वाहनों को अक्सर यहां से निकाला जाता है। पंचकूला-जीरकपुर व चंडीगढ़ की ओर से सुबह के समय ज्यादा बरवाला व आसपास के कस्बों व गांवों में काम करने वाले टीचर या अन्य स्टाफ यहां से गुजरते हैं। या फिर यमुनानगर-जगाधरी-देहरादून-पांवटा साहिब, नाहन, सहानरपुर, मेरठ, शामली इत्यादि जाने वाले लोग यहां से निकलते हैं। पूरी लेन न खुलने से भी यहां वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग जाती हैं। ज्यादा लेन खोलने को कर्मचारी स्टाफ से कई मर्तबा कह चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं।

महीने के पास भी बना रहे मनमर्जी से

यहां तीसरी समस्या ये है कि टोल प्लाजा (toll plaza) संचालक महीने के पास भी मनमर्जी से बना रहे हैं। कुछ माह पूर्व ही यह टोल प्लाजा खुला है। पहले यहां मासिक पास महीने की किसी भी तारीख को बनवा सकते थे। पास उसी तारीख से आगे महीने के लिये चलता था। अब इस व्यवस्था को बदल कर टोल प्लाजा संचालकों ने पास की तारीख महीने की एक तारीख कर दी है। यानि एक तारीख को अगर पास न बनवाया तो पास बनेगा ही नहीं। बीते 1 अप्रैल (1 April) से जब टोल प्लाजा के रेट बढ़े तो उससे पहले तो पास बनाने ही स्टाफ ने बंद कर दिये थे। लोगों ने केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडक़री व हरियाणा सरकार से मांग की है कि इस टोल प्लाजा की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं क्योंकि यह आसपास के टोल प्लाजाओं में सबसे बेकार टोल प्लाजा है जहां मनमानियों का खेल चल रहा है।