Anil Vij Hails Success of India's

भारत के पहले निजी रॉकेट 'विक्रम-एस' की सफलता पर बोले अनिल विज, कहा- यह नए भारत की उड़ान

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Anil Vij Hails Success of India's

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भारत के पहले निजी रॉकेट 'विक्रम-एस' के सफल अंतरिक्ष अभियान पर खुशी जताते हुए इसे देश के वैज्ञानिक इतिहास की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल एक रॉकेट के प्रक्षेपण तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, वैज्ञानिक नवाचार और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक है।

अनिल विज ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "आसमान को चीरकर निकला है नया भारत! भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट #VikramS आज अंतरिक्ष के सफर पर सफलतापूर्वक रवाना हो गया। प्राइवेट सेक्टर के इस ऐतिहासिक कदम और इसरो के सहयोग ने वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत का डंका बजा दिया है। हर भारतीय के लिए आज गर्व का दिन है। भारत माता की जय!"

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब देश केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उनके अनुसार, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों को अवसर देने का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसके सकारात्मक नतीजे अब सामने आ रहे हैं।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपनी तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता के दम पर विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। अब इसरो के सहयोग से निजी कंपनियां भी अंतरिक्ष विज्ञान में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, जिससे भारत वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और युवा उद्यमियों की मेहनत का परिणाम है। इससे युवाओं में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और निजी निवेश के जरिए अनुसंधान, रोजगार तथा आधुनिक तकनीकों के विकास को गति मिलेगी।

अनिल विज ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा और 'मेक इन इंडिया' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे अभियानों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए इसरो के वैज्ञानिकों और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े सभी विशेषज्ञों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।