यूपी में 'आधी आबादी' का अभेद्य कवच: 181 महिला हेल्पलाइन ने रचा इतिहास; 100% शिकायतों का हुआ निस्तारण

यूपी में 'आधी आबादी' का अभेद्य कवच: 181 महिला हेल्पलाइन ने रचा इतिहास; 100% शिकायतों का हुआ निस्तारण

An Impenetrable Shield for UPs Half Population

An Impenetrable Shield for UP's 'Half Population

लखनऊ। An Impenetrable Shield for UP's 'Half Population, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की 'आधी आबादी' की सुरक्षा और गरिमा अब केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर एक ठोस हकीकत बन चुकी है। प्रदेश सरकार की 181 महिला हेल्पलाइन संकट के समय महिलाओं के लिए एक अटूट सहारा बनकर उभरी है। वर्ष 2025-26 के आंकड़े गवाह हैं कि इस हेल्पलाइन ने न केवल महिलाओं की पुकार सुनी, बल्कि प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह रिकॉर्ड नारी सुरक्षा और उनके सम्मान के प्रति योगी सरकार की संवेदनशीलता और गंभीरता का जीता-जागता प्रमाण है।

बहुआयामी मदद: हिंसा से लेकर राशन तक पहुंचा सहारा

हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली केवल अपराध नियंत्रण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार सामाजिक कल्याण तक हुआ है। 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच हेल्पलाइन पर 85 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर क्राइम और मारपीट जैसे गंभीर मामलों के साथ-साथ कई महिलाओं ने अस्पताल में इलाज, जमीन-जायदाद के विवाद और यहाँ तक कि राशन दिलाने में भी मदद मांगी। हेल्पलाइन ने इन सभी विविध शिकायतों को संबंधित विभागों को ट्रांसफर कर उनका संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया है।

तकनीक और संवेदनशीलता: 2 मिनट में शुरू होता है 'एक्शन'

181 महिला हेल्पलाइन की सबसे बड़ी ताकत इसकी त्वरित और आधुनिक कार्यप्रणाली है। यह सेवा 24 घंटे सक्रिय रहती है, जहाँ किसी भी शिकायत को महज 2 मिनट के भीतर संबंधित जनपद के वन स्टॉप सेंटर को ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके बाद स्थानीय डैशबोर्ड के माध्यम से महिला कर्मचारी सीधे पीड़िता से संपर्क कर उसकी समस्या को समझती हैं और हर संभव सहायता पहुँचाती हैं। यहाँ महिलाओं को केवल कानूनी मदद ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहयोग भी प्रदान किया जाता है, ताकि वे मानसिक तनाव से उभर सकें।

सशक्तीकरण की मजबूत कड़ी

योगी सरकार के कार्यकाल में 181 सेवा का दायरा और तकनीकी क्षमता लगातार बढ़ी है। महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा के अनुसार, प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संवेदनशील कार्यप्रणाली और तेज निस्तारण के जरिए यह हेल्पलाइन आज उत्तर प्रदेश की महिलाओं के सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बन चुकी है। यह व्यवस्था हर महिला को भरोसा दिला रही है कि संकट की स्थिति में सरकार और प्रशासन उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।