उदयपुर में कथित मतांतरण मामला: 3 पादरी सहित 11 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

उदयपुर में कथित मतांतरण मामला: 3 पादरी सहित 11 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Alleged religious conversion case in Udaipur

Alleged religious conversion case in Udaipur

उदयपुर। Alleged religious conversion case in Udaipur, उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानूवाड़ा बिलखाई गांव में कथित मतांतरण के मामले में पुलिस ने शनिवार रात हिरासत में लिए 3 पादरियों सहित 11 आरोपियों को पूछताछ के बाद रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।

आरोप है कि आदिवासी परिवारों को आर्थिक लाभ, बीमारियों से मुक्ति और अन्य सुविधाओं का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है।

ऋषभदेव डीएसपी राजीव राहर ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर कार्रवाई की गई। शिकायत में कहा गया था कि मतांतरण के लिए लोगों को प्रलोभन देने के साथ दबाव भी बनाया जा रहा था।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ और झारखंड से आए 3 पादरी भी शामिल हैं।

प्रार्थना सभा में जुटे थे 200 से अधिक लोग

पुलिस के अनुसार गांव में पिछले दो दिनों से प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। बाबूलाल नामक व्यक्ति के नेतृत्व में आयोजित इस सभा में आसपास के 20 से अधिक गांवों से करीब 200 लोगों को बुलाया गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई की।

शिकायतकर्ता नानालाल ने आरोप लगाया कि गरीब आदिवासी परिवारों को निशाना बनाकर उन्हें मतांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सभा में शामिल लोगों को आर्थिक सहायता, खेतों में कुएं और ट्यूबवेल खुदवाने तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था।

सांसद ने गांव पहुंचकर की मुलाकात

घटना की जानकारी मिलने पर उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत भी रविवार को कानूवाड़ा बिलखाई गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी।

कई महीनों से सक्रिय होने की चर्चा

ग्रामीणों के अनुसार मतांतरण से जुड़े लोग क्षेत्र के कई गांवों में पिछले कई महीनों से सक्रिय थे। बताया जा रहा है कि वे आदिवासी परिवारों से लगातार संपर्क कर विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दे रहे थे।

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं और इनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं था। जांच पूरी होने के बाद और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।