Alleged fake cheque fraud of Rs 590 crore exposed, accounts of several departments under scrutiny

590 करोड़ की कथित फर्जी चेक धोखाधड़ी का खुलासा, कई विभागों के खाते जांच के दायरे में

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Alleged fake cheque fraud of Rs 590 crore exposed, accounts of several departments under scrutiny

 

हरियाणा में 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसे फर्जी चेक के जरिए अंजाम दिए जाने का खुलासा हुआ है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बैंक की चंडीगढ़ शाखा के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी व्यक्तियों के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। आरोप है कि फर्जी चेक तैयार किए गए और उनके आधार पर कैश जारी किया गया। खास बात यह है कि पूरा लेन-देन डिजिटल माध्यम से नहीं, बल्कि फिजिकल ट्रांजेक्शन के जरिए किया गया।

सात सरकारी विभागों की राशि निजी बैंक में जमा

वित्त विभाग के मुताबिक, हरियाणा सरकार के सात विभागों एवं उपक्रमों की राशि आईडीएफसी बैंक के खातों में जमा थी। इनमें पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम पंचकूला और नगर परिषद कालका सहित अन्य विभाग शामिल हैं।

वित्त सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी विभागों को निजी बैंकों से अपने खाते बंद कर राष्ट्रीयकृत बैंकों में नए खाते खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विभाग अपने खाते बंद कर जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, उसी आधार पर खातों का मिलान (रिकंसिलिएशन) किया जा रहा है।

जांच का अधिकार क्षेत्र: चंडीगढ़ या हरियाणा?

चूंकि संबंधित बैंक शाखा सेक्टर-32, चंडीगढ़ में स्थित है, इसलिए शिकायत चंडीगढ़ साइबर क्राइम थाने तक पहुंची। हालांकि, चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामला मूल रूप से हरियाणा सरकार से संबंधित है, इसलिए जांच हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, बैंक के वरिष्ठ अधिकारी सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों से मिले। इस दौरान एफआईआर दर्ज करने और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चा की गई।

तीन आईएएस अधिकारी संदेह के घेरे में

मामले की गंभीरता को देखते हुए सूत्रों ने दावा किया है कि हरियाणा सरकार के तीन आईएएस अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) जांच के अलावा एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इस कमेटी में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल होंगे।

हालांकि, मामले में एक आईएएस अधिकारी की पत्नी की कथित भूमिका को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

70 करोड़ रुपये होल्ड, बाकी रकम पर कार्रवाई जारी

दूसरी ओर, कुल कथित गड़बड़ी राशि में से लगभग 70 करोड़ रुपये विभिन्न संदिग्ध खातों में ट्रांसफर पाए गए, जिन्हें फिलहाल होल्ड कर दिया गया है। शेष रकम को भी फ्रीज करने के प्रयास जारी हैं। संबंधित खातों में आगे के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है।

यह कार्रवाई राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज होने के बाद शुरू हुई। बैंक की ओर से रविवार रात लगभग नौ बजे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही एनसीआरपी पोर्टल की स्वचालित प्रणाली सक्रिय हो गई और संदिग्ध खातों में ट्रांसफर की गई राशि को होल्ड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

सोमवार रात तक होल्ड की गई राशि बढ़कर 70 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि शिकायत में कई बैंक खातों का उल्लेख किया गया है। पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंकों को अलर्ट जारी किए गए और राशि को फ्रीज किया गया। फिलहाल शेष रकम को भी सुरक्षित करने की कार्रवाई जारी है।