अखिलेश यादव का 'बड़प्पन' और मानवीय संबंधों की जीत: अनुपमा जायसवाल से मुलाकात पर बोले बृजभूषण

अखिलेश यादव का 'बड़प्पन' और मानवीय संबंधों की जीत: अनुपमा जायसवाल से मुलाकात पर बोले बृजभूषण

Akhilesh Yadav Magnanimity and the Triumph

Akhilesh Yadav's 'Magnanimity' and the Triumph

गोंडा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री व विधायक अनुपमा जायसवाल से अस्पताल में भेंटकर अपने बड़प्पन का परिचय दिया है। सिर्फ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना अखिलेश यादव से पहले महिला नेता से मिलने गए थे। यह बात कैसरगंज के पूर्व सांसद बृृजभूषण शरण सिंह ने नवाबगंज के विश्नोहरपुर स्थित आवास पर पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि यह परंपरा पहले से रही है। एक दूसरे के सुख-दुख में हाल-चाल लेना। समय मिला तो मैं भी मिलने जाऊंगा।

पूर्व सांसद ने कहा कि भाजपा जबतक बैकफुट पर थी, तब तक लल्लूराम कनौजिया नेता थे, जब से भाजपा के दिन बहुरे तब से कई नेता किनारे कर दिए गए। उनके निधन पर मैं गया था। पार्टी में जो नए लोग आए हैं वो पुराने कार्यकर्ताओं को अपना नहीं मानते, विरोधी मानते हैं। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बंगाल का मुझे बहुत ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन सूचना मिली है कि बीजेपी वहां अच्छा चुनाव लड़ी है।

बता दें, यूपी की सियासत में उस वक्त एक सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली, जब राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इंसानियत ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल की कुशलक्षेम पूछी और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। खास बात यह है कि अखिलेश का ही पुतला जलाते समय अनुपमा झुलसीं थीं। अखिलेश के मिलने आने पर अनुपमा खुद भी मुस्कुरा दीं।

इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट करते हुए अखिलेश ने लिखा, ‘राजनीति अपनी जगह है, लेकिन दुख और बीमारी के समय संवेदनाएं ही सबसे बड़ा सहारा होती हैं। हम भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल से मिलने गए और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करके आए हैं। राजनीति अपनी जगह है और मानवीय संबंधों का महत्व अपनी जगह। सद्भाव बना रहे, सौहार्द बना रहे!’ वहीं, अल्पसंख्यक कल्याण व पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी अनुपमा से मिलने अस्पताल पहुंचे और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।