अजमेर सोशल मीडिया विवाद: अब BJP शहर प्रमुख पर 'रीपोस्ट' के आरोप, कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
Ajmer Social Media Controversy
Ajmer Social Media Controversy, अजमेर में सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. पिछले सप्ताह स्थानीय कांग्रेस नेता पीयूष सुराणा पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप को लेकर हंगामा हुआ था. अजमेर कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के पदाधिकारी सुराणा के ऊपर बीजेपी की एक स्थानीय महिला नेता ने थाने में ही पुलिस के सामने सुराणा पर स्याही फेंक दी थी जिसके बाद सुरक्षा के सवाल उठे. मामले में एसपी ने तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर भी कर दिया था. लेकिन इस मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है. कांग्रेस नेता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अजमेर के बीजेपी शहर प्रमुख रमेश सोनी ने भी वही पोस्ट किया था और यह भी अपराध की श्रेणी में आता है.
इस पूरे घटनाक्रम ने अजमेर की राजनीति और सोशल मीडिया बहस को गरमा दिया है. पोस्ट के वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों और राजनीतिक हलकों में भी इसको लेकर प्रतिक्रिया सामने आ रही है. मामले को लेकर कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है.
रीपोस्ट का आरोप, एसपी को सौंपा ज्ञापन
विवाद के बीच पीयूष सुराणा के परिजनों और उनके अधिवक्ताओं ने रमेश सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. अधिवक्ता विवेक जैन का कहना है कि यदि मूल पोस्ट को आपत्तिजनक माना जा रहा है, तो उसे रीपोस्ट करना भी समान रूप से अपराध की श्रेणी में आ सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि रमेश सोनी द्वारा रीपोस्ट किए जाने के बाद कई अन्य लोगों ने भी उस पोस्ट को शेयर किया, जिससे मामला और फैल गया.
इस संदर्भ में परिजनों व अधिवक्ताओं ने हर्षवर्धन अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और नियम अनुसार कार्रवाई की मांग की है.पुलिस प्रशासन का कहना है कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.