अजमेर कोर्ट ने मां-बेटी पर एसिड अटैक के आरोपी को उम्रकैद और जुर्माना सुनाया

अजमेर कोर्ट ने मां-बेटी पर एसिड अटैक के आरोपी को उम्रकैद और जुर्माना सुनाया

Ajmer Court Sentences Accused of Acid Attack

Ajmer Court Sentences Accused of Acid Attack

मां- बेटी पर तेजाब फेंकने के आरोपी को उम्रकैद व दो लाख का अर्थदंड

अजमेर महिला उत्पीड़न कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

टिप्पणी में कहा एसिड अटैक शरीर ही नहीं परिवार का भविष्य जला देता है

राजस्थान के चित्तौड़ स्टेशन की घटना मध्यप्रदेश के महू का है आरोपी

अजमेर। Ajmer Court Sentences Accused of Acid Attack, अजमेर महिला उत्पीड़न कोर्ट की न्यायाधीश श्रीमती उत्तमा माथुर ने मां बेटी पर तेजाब फेंक कर उन्हें जख्मी करने के आरोपी को आजीवन कारावास और 2 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

मामला चित्तौड़ जिले के जीआरपी थाने में दर्ज हुआ था। पीड़िताओं पर तब एसिड फेंका गया था जबकि वे शौच के लिए चित्तौड़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के आगे गई थी। पीड़िताएं उससे पूर्व रात को अजमेर से ट्रेन के जरिए चित्तौड़ पहुंची थीं।

अपर लोक अभियोजक एडवोकेट नरेश कुमार धूत ने बताया कि आरोपी मूल रूप से मध्यप्रदेश महू का रहने वाला मोहम्मद हारून का पुत्र मोहम्मद इस्माइल है।

चित्तौड़ जीआरपी थाना पुलिस ने इस अनुसंधान में काफी मेहनत की पर्याप्त साक्ष्य और गवाह जुटाए। इस मामले में आरोपी को घटना के दूसरे दिन ही पकड़ लिया गया था। मामले में चालान पेश करते हुए पुलिस ने करीब 17 गवाह पेश किए और 57 दस्तावेज 6 आर्टिकल भी दिए थे।

लोक अभियोजक ने बताया कि आरोपी की ओर से किए गए एसिड हमले में 12 साल की पीड़िता की दोनों आंखें चली गई और वह अंधी हो गई। लोक अभियोजक ने कहा कि इस मामले में चितौड़गढ़ जीआरपी पुलिस व अभय कमान सेंटर ने बहुत अच्छा काम किया।

अनुसंधान अधिकारी ने मेहनत कर सारे सीसीटीवी फुटेज जांच कर साक्ष्य पेश किए। थाने के सिपाही पवन जी, दूलजी व अन्य गवाहों को लेकर आए। गवाह भी वो जो अन्य स्टेशनों के थे और आर्थिक रूप से कमजोर थे।

लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने पीड़ित मां बेटी के लिए अजमेर के जिला विधिक प्राधिकरण को अनुशंसा की है कि उन्हें अन्य सक्षम कोई भी प्रतिकर राहत अथवा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती हो तो कराई जाए।

अपर लोक अभियोजक एडवोकेट नरेश कुमार ने बताया न्यायाधीश श्रीमती उत्तमा माथुर ने फैसले में मार्मिक टिप्पणी भी की है। न्यायाधीश ने लिखा कि तेजाब का हमला शरीर को ही नहीं जलाता है, पीड़ित के भविष्य व सपना को तथा परिवार को भी जला देता है। पीड़ित को ऐसा घाव दिया है जो पीड़िता को उम्र भर सहना है।