आगरा पुलिस में सोशल मीडिया वीडियो पर सख्ती, सात दारोगा और सिपाही लाइन हाजिर
Agra police crack down on social media videos,
आगरा। आम लोगों के साथ ही पुलिसकर्मियों में भी वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने की चाहत बढ़ती जा रही है। कमिश्नरेट में तैनात इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाही आए दिन इंटरनेट मीडिया पर वीडियो शेयर कर रहे हैं। मुख्यालय से भी हाल ही में वर्दी में वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसी के तहत शनिवार को डीसीपी हेड क्वार्टर ने वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने वाले अलग-अलग थानों में सात दारोगा और सिपाही को पुलिस लाइन का रास्ता दिखाया है। अन्य पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए हैं कि इंटरनेट मीडिया पालिसी का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी।
मुख्यालय के आदेश के बाद डीसीपी हेड क्वार्टर ने की कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के आदेश के बाद डीसीपी हेड क्वार्टर अतुल शर्मा की ओर से की गई कार्रवाई से अन्य पुलिसकर्मियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। कई पुलिसकर्मियों ने हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किए अपने वीडियो को आनन-फानन में डिलीट कर दिया है।
अन्य पुलिसकर्मियों को भी नियमों का पालन करने के निर्देश
डीसीपी हेड क्वार्टर ने बाह थाने में तैनात दारोगा अरविंद सिंह राठौर, महिला दारोगा स्वाती चौधरी, पर्यटन थाने में तैनात दारोगा दीपक चौधरी को लाइन हाजिर किया है। इसी तरह एत्माद्दौला थाने में तैनात दारोगा रोहित सोनकर व प्रदीप कुमार, न्यू आगरा थाने में तैनात दारोगा हिमांशु पांडेय, खैरागढ़ थाने में तैनात महिला दारोगा रानू भाटी व फतेहाबाद थाने में तैनात मुख्य आरक्षी सुमन यादव को लाइन हाजिर किया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को पुलिस इंटरनेट मीडिया नियमावली का पालन करने के निर्देश दिए।
महिला सिपाही ने छोड़ दी थी नौकरी
आगरा कमिश्नरेट में तैनात रहीं महिला सिपाही प्रियंका मिश्रा ने वर्दी में खूब वीडियो बनाए थे। सिपाही की वर्दी में हाथ में रिवाल्वर लिए वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद वह ट्रोल हुई थीं। लोगों के कमेंट के बाद वर्ष 2021 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। कुछ समय बाद उन्होंने पुन: नौकरी ज्वाइन करने का प्रयास किया। इसके लिए तत्कालीन पुलिस कमिश्नर को प्रार्थनापत्र दिया। इसमें आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने, जीवन यापन में कठिनाई का हवाला देते हुए सेवा में पुन: वापसी का आग्रह किया था। उन्हें नौकरी मिल भी गई, लेकिन 48 घंटे में ही चली गई थी।
हाथ से चला गया थाने का चार्ज
साल की शुरुआत में इंस्पेक्टर शैली राणा को मंटोला थाने का प्रभारी बनाया गया था। इसी बीच इंटरनेट मीडिया पर उनके वीडियो प्रसारित हो गए। इन वीडियो के चक्कर में महिला इंस्पेक्टर के हाथ से थाने का चार्ज चला गया। पुलिस अधिकारियों के कहने पर वह छुट्टी पर चली गईं।