सस्पेंड तहसीलदार के बाद एक रेवेन्यू अफसर का नाम आया सामने; एसीबी ट्रैक करने में जुटी

सस्पेंड तहसीलदार के बाद एक रेवेन्यू अफसर का नाम आया सामने; एसीबी ट्रैक करने में जुटी

Suspended Tehsildar

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अर्थ प्रकाश संवाददाता
पंचकूला। Suspended Tehsildar: 
रायपुररानी के सस्पेंड किए तहसीलदार विक्रम सिंगला, जिन्हें एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कोर्ट के स्टे के बावजूद 18 एकड़ ज़मीन का रजिस्ट्रेशन करवाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था, उन्हें आज न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके अलावा ब्यूरो ने मामले के बारे में कई और दोषी ठहराने वाली जानकारी इकट्ठा की है और उन लोगों को ट्रैक करने के लिए सुरागों पर काम कर रहा है जो शायद इस मामले में शामिल थे।
उनकी 2 दिन की रिमांड आज खत्म हो गई। पूछताछ के दौरान एक रेवेन्यू अधिकारी का नाम सामने आया। एसीबी ने उसे बुलाया, लेकिन उसने अपना फोन बंद कर लिया है। एसीबी ने आरोप लगाया कि उसने इस पूरे मामले में मिलीभगत की थी। हालांकि, वह अब तक एसीबी की गिरफ्त से बाहर है।

31 जनवरी को एसीबी की टीम ने तहसीलदार को हिरासत में लिया था। मंगलवार को एसीबी ने 7 दिन का रिमांड मांगा था। इसके बाद कोर्ट ने 2 दिन की रिमांड मंजूर की थी। बता दें कि 2017 में रायपुररानी तहसील से जुड़े पर्ल ग्रुप की जमीन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगाया था। इसकी जांच के सीबीआई की टीम कर रही थी। मगर विक्रम सिंगला ने इस जमीन की रजिस्ट्री हांसी के बड़ाला गांव के रहने वाले नवीन के नाम कर दी।