मिशन 2027: बंगाल फतह के बाद अब 'यूपी की बारी', भाजपा ने कार्यकर्ताओं को दिया 'हैट्रिक' का मंत्र

मिशन 2027: बंगाल फतह के बाद अब 'यूपी की बारी', भाजपा ने कार्यकर्ताओं को दिया 'हैट्रिक' का मंत्र

fter Conquering Bengal

After Conquering Bengal, Now It's 'UP's Turn'l, Now It's 'UP's Turn'

मेरठ: पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों में हुए चुनाव रिजल्ट में भारतीय जनता पार्टी अपने प्रदर्शन से काफी खुश है। पश्चिम बंगाल में बल्ले-बल्ले होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश पर रहेगा। इसी के साथ उत्तराखंड को भी साधने की तैयारी है। पार्टी ने संगठनात्मक स्तर से बनाए गए 19 जिलों के प्रभारियों और प्रवासियों की बैठक में साफ कह दिया है कि बंगाल निपटा और यूपी फतह की तैयारी करो। विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाने के लिए जुट जाओ। इसके लिए 12 मई तक बूठ संगठन संरचना को पूरा करने का लक्ष्य सौंपा हैं।

दरअसल, एक तरह यूपी में टीम योगी यानी मंत्रिमंडल में फेरबदल की कवायद चल रही है। दूसरी तरफ संगठन में भी बदलाव के साथ ने प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम बनाने की कवायद जोरों पर हैं। इस सबके बीच यूपी के महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह 2027 के चुनाव में फतह के लिए फोकस कर तैयारी में जुटे हैं। वह भाजपा की चुनाव जीतो अभियान को तेज करने में जुटे हैं।

यूपी है बीजेपी के लिए अहम

दरअसल, बीजेपी के लिए यूपी अहम सूबा हैं। यूपी की सियासी संदेश देश की राजनीति कि दिशा और दशा तय करता रहा हैं। यूपी के महामंत्री संगठन धर्मपाल ने रविवार को ही अलीगढ़ में भाजपा के संगठनात्म तौर पर ब्रज क्षेत्र में बनाए गए 19 जिलों अलीगढ़ जिला, अलीगढ़ महानगर, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा जिला, आगरा महानगर, फिरोजाबाद जिला, फिरोजाबाद महानगर, मैनपुरी, मथुरा जिला, मथुरा महानगर, बरेली जिला, बरेली महानगर, आंवला, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर जिला और शाहजाहापुर महानगर के प्रभारियों और प्रवासियों की अहम बैठक ली।

बैठक में कहा गया है कि बंगाल चुनाव हो गया। बाकी चार राज्य में भी वोट पड़ गए। बीजेपी ने पूरी तैयारी से चुनाव लड़ा। कमल खिलने को बेताब हैं। लेकिन, अब देश को सियासी राह दने वाले यूपी पर खास फोकस 2027 के लिए करना है। यहां जीत की हैट्रिक लगानी हैं। यह संगठन के बल पर मुमकिन हैं।

12 मई तक बूथ संगठन संरचना का लक्ष्य

भाजपा यूपी चुनाव की तैयारी को लेकर बूथ संरचना पर जोर दिया गया। इसलिए, हमें अपनी जड़ें मजबूत करने के इरादे से बूथ संगठन संरचना हर हाल में 12 मई तक पूरी कर लेनी है। इसके बाद मंडल से लेकर बूथ स्तर तक जून से चुनाव तैयारियों संबंधी कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इस बैठक में 19 जनपदों के सैकड़ों पदाधिकारी शामिल हुए। इसमें कहा गया कि 12 मई तक बूथ संगठन संरचना के तहत अध्यक्ष सहित 11 सदस्यों की कमिटी बनानी है। इसके लिए मंडल प्रभारी और प्रवासी एक-एक बूथ पर जाने होगा।

संगठन महामंत्री ने चेताया कि संगठन धरातल पर बने, फर्जीवाड़ा या लापरवाही नहीं चलेगी। प्रदेश और राष्ट्र स्तर से इस बूथ कमेटी को फोन कर जांच की जा सकती है। अगर बूथ पदाधिकारी सही जवाब नहीं दे पाया फिर उसे लापरवाही माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए प्रत्येक माह मंडल पर एक बैठक जरूर करें। जून से चुनाव संबंधी कार्यक्रम मंडल एवं बूथ तक के तय होंगे।