बिहार में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत

बिहार में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत

Advocacy for the Implementation of the Uniform

Advocacy for the Implementation of the Uniform

पटना। Advocacy for the Implementation of the Uniform, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने कहा है कि बिहार जैसे ऐतिहासिक एवं सामाजिक रूप से समृद्ध राज्य को आज विकास व आधुनिकता की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए दूरदर्शी निर्णयों की जरूरत है। ऐसे में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को बिहार में लागू करना एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।

सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में मार्गदर्शन

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्यों को यह अधिकार दिया गया है कि वह अपने सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करे। यह प्रविधान केवल एक सुझाव नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में एक स्पष्ट मार्गदर्शन है।

बिहार में भी लागू होना चाहिए यूजीसी

आज जब कई राज्यों ने यूसीसी लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं और इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं तब बिहार को भी इस परिवर्तनकारी पहल से पीछे नहीं रहना चाहिए। बिहार, जो ज्ञान, संस्कृति और सामाजिक चेतना की धरती रही है, उसे एक बार फिर देश को दिशा और मार्गदर्शन देने का काम करना चाहिए।

यूजीसी से कानूनों में असमानता खत्म होगी

यूसीसी लागू होने से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार एवं गोद लेने जैसे विषयों पर एक समान कानून लागू होगा, जिससे समाज में व्याप्त असमानता समाप्त होगी। विशेष रूप से महिलाओं और कमजोर वर्गों को न्याय मिलेगा।