Aditya Devi Lal Hits Back: Calls Kadayan’s

आदित्य देवीलाल का पलटवार: कादयान के आरोप झूठे, माफी नहीं तो मानहानि का केस

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Aditya Devi Lal Hits Back: Calls Kadayan’s

डबवाली से इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के विधायक आदित्य देवीलाल ने निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादयान द्वारा मीडिया में दिए गए बयान को पूरी तरह से बेबुनियाद, भ्रामक और झूठा करार दिया है। कादयान ने अपने बयान में दावा किया था कि राज्यसभा चुनाव में आजाद उम्मीदवार सतीश नांदल के नामांकन में तीन निर्दलीय विधायकों के साथ इनेलो के दोनों विधायक भी शामिल थे और उनकी सहमति से नांदल ने पर्चा भरा था।

आदित्य देवीलाल ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान न सिर्फ गलत है, बल्कि बेहद शर्मनाक भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान उनके समर्थित उम्मीदवार की हार की बौखलाहट को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्यसभा चुनाव में अपने समर्थित उम्मीदवार सतीश नांदल की हार को पचा नहीं पा रही है। “बीजेपी ने कांग्रेस के विधायकों को खरीदने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद हार का सामना करना पड़ा। अब इस हार की झुंझलाहट में इनेलो को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है और इसके लिए देवेंद्र कादयान जैसे विधायकों को आगे किया जा रहा है,” उन्होंने कहा।

आदित्य देवीलाल ने आगे कहा कि बीजेपी का इतिहास जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त के जरिए चुनाव जीतने का रहा है, लेकिन इस बार इनेलो विधायकों द्वारा मतदान से दूरी बनाए रखने के कारण उनकी रणनीति सफल नहीं हो पाई।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले वे अपने घर को संभालें, क्योंकि बीजेपी के ही एक विधायक ने जानबूझकर अपना वोट रद्द करवाया, जिसके चलते कांग्रेस उम्मीदवार की जीत हुई। “मुख्यमंत्री को पहले अपनी ‘काली भेड़’ की पहचान करनी चाहिए,” उन्होंने कहा।

आदित्य देवीलाल ने शपथपूर्वक कहा कि न तो इनेलो के किसी विधायक ने सतीश नांदल के नामांकन में भाग लिया और न ही पार्टी की इस प्रक्रिया में कोई भूमिका रही। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कोई भी बात छिपी नहीं रह सकती और मीडिया में भी स्पष्ट दिखाया गया कि नामांकन के समय केवल तीन निर्दलीय विधायक ही मौजूद थे।

उन्होंने देवेंद्र कादयान को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो वे अपना बयान वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा इनेलो उनकी पार्टी की छवि खराब करने की साजिश के तहत उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करेगी।

अंत में, आदित्य देवीलाल ने कहा कि जनता निर्दलीय विधायकों को इसलिए चुनती है ताकि वे स्वतंत्र रूप से काम करें, लेकिन कादयान ने जनादेश का सम्मान नहीं किया और सत्ता के साथ खड़े हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कादयान सरकार के भ्रष्टाचार और गलत नीतियों में सहभागी हैं और भविष्य में जनता उन्हें सबक सिखाएगी।