मथुरा एस्केप पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू

मथुरा एस्केप पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू

Action to remove encroachment on Mathura

Action to remove encroachment on Mathura

  1. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई गणेशरा गांव से शुरू हुई

  2. श्रीनाथ अपार्टमेंट की बाउंड्रीवॉल और तीन कब्जे ढहाए गए

  3. महिलाओं ने विरोध किया, पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई

मथुरा। मथुरा एस्केप (ड्रेन) पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुक्रवार को आखिरकार शुरू हो गई। पहले दिन गणेशरा गांव से आगरा-दिल्ली हाईवे की ओर कार्रवाई की गई। पहले दिन 300 मीटर के दायरे में जेसीबी से श्रीनाथ अपार्टमेंट के पीछे की बाउंड्रीवॉल और तीन कब्जे ढहाए गए।

विरोध में जेसीबी के सामने आकर महिलाओं ने विरोध दर्ज कराया। उनकी पुलिस और सिंचाई विभाग की टीम से जमकर नोकझोंक हुई। हंगामे की आशंका पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। उधर, सिंचाई विभाग ने अवमानना मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुक्रवार को ही कार्रवाई की प्रगति का हलफनामा प्रस्तुत किया।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई, पहले दिन तीन कब्जे ढहाए

गोवर्धन के अड़ींग से निकलकर शहर के गणेशरा से आगरा-दिल्ली हाईवे की तरफ मुड़ने वाली मथुरा एस्केप यमुना में जाकर मिलती है। 15 किलोमीटर की इस एस्केप में साढ़े तीन किलोमीटर शहरी क्षेत्र के अंदर पिछले कई दशकों में अतिक्रमण हुआ है। यह अतिक्रमण सिंचाई विभाग द्वारा घोषित किया गया है। प्रारंभिक चरण में सिंचाई विभाग ने 261 मकान, दुकान व अन्य अतिक्रमण कार्रवाई के लिए चिन्हित किए।

इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी सिंचाई विभाग ने हलफनामा दाखिल कर बताई प्रगति

पिछले एक पखवाड़े में स्थानीय लोगों के विरोध के कारण प्रशासन को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कई बार टालनी पड़ी। पहले शहर के अंदर संजय नगर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी थी, लेकिन यहां विरोध अधिक होने के कारण शुक्रवार को कार्रवाई गणेशरा की ओर से शुरू की गई। एक कंपनी पीएसी, स्थानीय पुलिस, तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में सुबह 11 बजे कार्रवाई शुरू हुई।

श्रीनाथ अपार्टमेंट की बाउंड्रीवाल भी अतिक्रमण में शामिल है

यहां बने श्रीनाथ अपार्टमेंट की बाउंड्रीवाल भी अतिक्रमण में शामिल है। इसे तोड़ा गया तो अपार्टमेंट की महिलाएं और अन्य लोग सामने आ गए। आरोप लगाया कि एस्केप की भूमि खाली करानी है तो अशोका हाईट्स और अन्य अपार्टमेंट क्यों नहीं तोड़े जा रहे हैं। केवल एक परिसर पर ही कार्रवाई क्यों की जा रही है। आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के ही कार्रवाई की गई। टीम से महिलाओं की नोकझोंक हुई।

कार्रवाई शुरू कर दी गई है, दिया जवाब

अतिक्रमण को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में जितेंद्र गौर की अवमानना याचिका पर सिंचाई विभाग को शुक्रवार को जवाब दाखिल करना था। इधर कार्रवाई करने के साथ ही विभाग ने हाई कोर्ट में कार्रवाई की प्रगति का शपथ पत्र दाखिल किया। रिपोर्ट में कहा है कि कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने कहा कि कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। जहां-जहां अतिक्रमण चिह्नित है, वहां चरणबद्ध तरीके से ध्वस्तीकरण होगा।

क्या है मामला

मथुरा एस्केप पर कब्जों को लेकर करीब तीन वर्ष पूर्व इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ध्वस्तीकरण के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए थे। अतिक्रमण करने वाले इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट गए तो सुप्रीम कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश बरकरार रखा, लेकिन पुनर्वास योजना लाने के निर्देश दिए।

अतिक्रमण के विरोध में एक स्थानीय निवासी जितेंद्र गौर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की और कहा कि सिंचाई विभाग ने अतिक्रमण नहीं हटाए। इसे लेकर शुक्रवार को सिंचाई विभाग को अपना जवाब दाखिल करना था। इससे पहले ही सिंचाई विभाग ने कार्रवाई की।