नौकरी दिलाने के नाम पर लिए पैसे के मामले में आरोपी बरी
Accused Acquitted in Case of taking Money
– अदालत बोली: अवैध लेन-देन पर चेक बाउंस का केस नहीं बनता
चंडीगढ़, 26 मार्च: Accused Acquitted in Case of taking Money: जिला अदालत ने नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने से जुड़े चेक बाउंस मामले में आरोपी संजीव राही को बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि जिस लेन-देन के आधार पर चेक जारी किया गया था, वह कानूनन वैध नहीं था, इसलिए धारा 138 के तहत मामला नहीं बनता।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता बलजिंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे नगर निगम चंडीगढ़ में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 60 हजार रुपये में सौदा तय किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने 25 हजार रुपये अग्रिम दिए थे। बाद में आरोपी ने 50 हजार रुपये का चेक दिया, जो बैंक में दो बार “फंड्स इनसफिशिएंट” के कारण बाउंस हो गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजकर रकम की मांग की, लेकिन भुगतान न होने पर अदालत में शिकायत दायर की l
बचाव पक्ष के वकील पलविंदर सिंह चीमा ने अदालत में दलील दी कि आरोपी ने केवल 25 हजार रुपये का दोस्ताना कर्ज लिया था, जिसे वह पहले ही चुका चुका है। उन्होंने कहा कि विवादित चेक का दुरुपयोग किया गया है और यह किसी वैध देनदारी के तहत जारी नहीं किया गया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि यदि पैसे नौकरी दिलाने जैसे अवैध उद्देश्य के लिए दिए गए थे, तो ऐसा समझौता कानून और सार्वजनिक नीति के खिलाफ है। अदालत ने कहा कि इस प्रकार का लेन-देन “कानूनी रूप से लागू होने वाला ऋण” नहीं माना जा सकता।
अदालत ने स्पष्ट किया कि अवैध उद्देश्य के लिए दिए गए चेक के बाउंस होने पर धारा 138 के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती।
इसी आधार पर अदालत ने आरोपी संजीव राही को आरोपों से बरी कर दिया।