Aadhaar credentials shared through

आधार ऐप के माध्यम से साझा किए गए आधार प्रमाण-पत्र पहचान सत्यापन के लिए वैध: यूआईडीएआई

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 भारत सरकार के विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने सूचित किया है कि आधार ऐप के माध्यम से दिखाए गए, साझा किए गए और/या सत्यापित आधार प्रमाण-पत्र आधार नंबर धारक की पहचान स्थापित करने के लिए विधिक रूप से वैध हैं।

यूआईडीएआई द्वारा लॉन्च किया गया आधार ऐप आधार नंबर धारकों को मोबाइल उपकरणों के माध्यम से अपनी पहचान को सुरक्षित रूप से दिखाने, साझा करने और सत्यापित करने में सक्षम बनाता है। यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म्स दोनों पर उपलब्ध है तथा निवासियों को पहचान सत्यापन का सुविधाजनक, पेपरलेस और सुरक्षित साधन प्रदान करता है।

आधार ऐप के माध्यम से ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली इकाई (ओवीएसई) के साथ पहचान विवरण साझा करते समय पूर्ण 12-अंकीय आधार नंबर हस्तांतरित नहीं किया जाता। निवासी अपनी आवश्यकता के अनुसार पूर्ण या आंशिक पहचान विवरण साझा करने का चयन कर सकते हैं, जिससे गोपनीयता और उपयोगकर्ता नियंत्रण में वृद्धि होती है।

यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि आधार ऐप के माध्यम से साझा किए गए आधार प्रमाण-पत्र आधार पत्र, ई-आधार, मास्क्ड ई-आधार, आधार पीवीसी कार्ड और एम-आधार जैसे अन्य स्वीकृत आधार रूपों के समान ही वैधता रखते हैं।

आधार को पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार करने वाले सभी मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, स्वायत्त निकायों और अन्य एजेंसियों को आधार ऐप के माध्यम से साझा किए गए आधार प्रमाण-पत्रों को वैध पहचान प्रमाण के रूप में मान्यता देने तथा उचित निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ के निवासियों से डिजिटल आधार सत्यापन अपनाने का आग्रह किया है ताकि तेज, सुरक्षित और निर्बाध सेवा वितरण सुनिश्चित हो सके।