लखनऊ में 'बुलडोजर' का नया मतलब: माफियाओं पर प्रहार भी और विकास का आधार भी
A Strike Against the Mafia, and a Foundation for Development.
लखनऊ। A Strike Against the Mafia, and a Foundation for Development. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी में 1,519 करोड़ से तैयार ग्रीन कॉरिडोर योजना के दूसरे चरण का लोकार्पण और तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास किया। झूलेलाल वाटिका में आयोजित जनसभा में रक्षामंत्री ने बुलडोजर का मायने समझाते हुए कहा, मुख्यमंत्री योगी की ख्याति बुलडोजर बाबा की है। यूपी का बुलडोजर केवल माफियाओं व गुंडाें को सबक सिखाने के लिए अवैध कब्जों को ही नहीं तोड़ता, बल्कि विकास की नई जमीन भी तैयार करता है, महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर योजना इसका प्रमाण है।
रक्षामंत्री बोले, लखनऊ की तहजीब की चर्चा दुनिया में होती रही है लेकिन, अब यहां के विकास की देश-दुनिया प्रशंसा कर रही है। अच्छा व रहने लायक शहर बनाने के लिए लखनऊ में सुविधाएं अचानक नहीं बढ़ीं, निरंतर विकास होने से अभूतपूर्व प्रगति हुई है। अक्टूबर 2025 में यूनेस्को की ओर से लखनऊ को मिले प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र क्रिएटिव सिटी आफ गैस्ट्रोनामी का उल्लेख करते हुए कहा, यहां के खानपान की भी अब दुनिया दीवानी हो गई है।
यूपी व लखनऊ की सांस्कृतिक पहचान भी बनी है। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने पाकिस्तान में तहलका मचा दिया था। अब आतंकी हमला कराने से पहले पड़ोसी को सोचना होगा। यदि पाकिस्तान ने फिर हिमाकत किया तो ऐसा जवाब मिलेगा कि वह उबर नहीं पाएगा। रक्षामंत्री ने दैनिक जागरण की खबर पर मुहर लगाते हुए कहा, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण इसी माह के अंत तक होगा या फिर अप्रैल के पहले सप्ताह में आवागमन शुरू हो जाएगा। शहर के आसपास भी कई मार्ग तैयार किए जा रहे हैँ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, किसी भी राज्य की राजधानी ऐसी होनी चाहिए जहां नागरिकों का जीवन सुगम हो और वे आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इसी उद्देश्य से लखनऊ में आधुनिक कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, जब लखनऊ की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का विचार सामने आया, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका विजन प्रस्तुत किया। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ डेवलपमेंट अथारिटी ने इस योजना को मूर्त रूप दिया। उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडाेर के लिए पैसा नहीं कब्जा युक्त जमीन दिया था। यह पहल राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम, व्यवस्थित व आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।