दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: उत्तराखंड के विकास की नई रफ्तार

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: उत्तराखंड के विकास की नई रफ्तार

A New Momentum for Uttarakhand Development

A New Momentum for Uttarakhand's Development

देहरादून। A New Momentum for Uttarakhand's Development, आर्थिक और पारिस्थितिकी विकास के लिए गेम चेंजर साबित होने जा रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अप्रैल में लोकार्पण करेंगे।

इसके लिए प्रधानमंत्री अप्रैल के प्रथम सप्ताह अथवा बैसाखी (13 अप्रैल) या फिर 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड आ सकते हैं।

राज्य सरकार की ओर से इस सिलसिले में प्रधानमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है। 11,970 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने पर देहरादून से दिल्ली तक का सफर ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा।

धामी सरकार के चार साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 21 से 24 मार्च के बीच उत्तराखंड में प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम मांगा गया था।

लेकिन, प्रधानमंत्री की व्यस्तता के चलते यह संभव नहीं हो पाया। इस बीच सात मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और 22 मार्च को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड आए थे।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री से समय मांगा गया है। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री अप्रैल के प्रथम सप्ताह या फिर 13 अप्रैल को बैसाखी पर देहरादून आ सकते हैं।

यह विकल्प भी रखा गया है कि प्रधानमंत्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर वहां आ सकते हैं और वहीं से इस एक्सप्रेस वे का उद्घाटन कर सकते हैं।

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय से आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार किया जा रहा है।

राज्य के लिए महत्वपूर्ण है एक्सप्रेसवे

तीन राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश व दिल्ली को जोड़ने वाला 211 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस सड़क का 12 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड रोड के रूप में उत्तराखंड में है।