संगठन से राज्यसभा तक: कार्यकर्ता केंद्रित राजनीति का नया अध्याय
A new chapter in worker-centric politics
शिमला। A new chapter in worker-centric politics, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अनुराग शर्मा 30 साल से कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने छात्र संगठन एनएसयूआई से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। पार्टी हाईकमान ने उन्हें राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। इसके लिए वह राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व राहुल गांधी का आभार व्यक्त करते हैं।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियों के अनुसार राजनीतिक समीकरण बनते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा यदि प्रत्याशी उतारती तो भी हार का मुंह देखना पड़ता। कांग्रेस के पास 40 विधायक हैं और सभी पार्टी की विचारधारा से जुड़े हैं। जिनकी नैतिकता नहीं थी, वह पिछली बार बिक गए हैं। इस बार किसी तरह का कोई डर नहीं था।
प्रत्याशी पर सभी का था एकमत
सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत उन्हें हाल ही में जिला कांग्रेस कमेटी कांगड़ा का अध्यक्ष बनाया गया था। प्रत्याशी को लेकर उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित सभी मंत्रियों व विधायकों से बात की थी। सभी का मत था कि हिमाचल से संबध रखने वाले को प्रत्याशी बनाया जाए। हाईकमान के समक्ष इसकी मजबूती से पैरवी की।
प्रत्याशी को लेकर राहुल गांधी की क्या थी राय
राहुल गांधी का मत था कि ऐसे कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाया जाए जो संगठन के लिए समर्पित तरीके से कार्य कर रहा हो और उसके पास कोई सरकारी औहदा न हो। इसी से अनुराग शर्मा का नाम आगे आया। बाहरी प्रत्याशी होने से कई बाद सोच व नजरिया बदल जाता है।
कार्यकर्ताओं की सोच में परिवर्तन
आम कार्यकर्ता राज्यसभा पहुंच जाएगा, इसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। हाईकमान के निर्णय से कार्यकर्ताओं की सोच में भी परिवर्तन आता है कि वे भी कल विधायक व राज्यसभा सदस्य बन सकते हैं।