जनसंवाद की नई मिसाल: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल
A New Benchmark in Public Dialogue
पटना। A New Benchmark in Public Dialogue, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में जनसंवाद के नए ट्रेंड को विकसित किया। इस ट्रेंड में मुख्यमंत्री का जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम पहले नंबर पर है। उन्होंने इस कार्यक्रम को जनता दरबार का नाम नहीं दिया, बल्कि यह कहा कि जनता के दरबार में मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने आरंभिक कार्यकाल में जब इस कार्यक्रम को शुरू किया तो पहले यह सप्ताह में दो दिन होता था।
घंटों तक लोगों की समस्याएं सुनते थे नीतीश कुमार
जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे बैठ जाते और कई घंटों तक लोगों की समस्याएं सुनते और उनके आवेदन भी लेते। विभागों से जुड़ी समस्याओं के लिए अलग-अलग दिन तय किए गए। संबंधित विभाग के अधिकारी जनता दरबार में मौजूद रहते।
मुख्यमंत्री उन्हें इंटरकॉम पर निर्देश देते और ऑन स्पाट समस्याओं का समाधान होता। कई वर्षों तक यह कार्यक्रम चला पर जब लोक सेवाओं के अधिकार का कानून आ गया तो यह कार्यक्रम बंद हो गया। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग भी की जाती थी।
मुख्यमंत्री आवास के पीछे वाली सड़क पर कतार
एक समय तो जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में इतनी भीड़ हो गई कि लोगों को मुख्यमंत्री आवास के पीछे वाली सड़क पर कतार में लगा दिया गया। मुख्यमंत्री ने सड़क पर आकर लोगों की समस्याएं सुनीं। प्रमंडल स्तर पर भी उन्होंने जनता दरबार की तर्ज पर लोगों की समस्याएं सुनीं।
जनसंवाद का कार्यक्रम उनकी यात्राओं में भी बड़े स्तर पर दिखा। जब भी वह लोगों से संवाद करते तो विभिन्न योजनाओं पर हुए काम की चर्चा की। हाल के दिनों में वह सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन के माध्यम से लोगों को कनेक्ट कर रहे थे।
इस बार सात निश्चय-3 को शुरू किया
वर्ष 2025 के चुनाव के बाद जब नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इस बार सात निश्चय-3 को शुरू किया। इस निश्चय के केंद्र में लोगों के साथ सीधा संवाद जुड़ा था। इज आफ लिविंग इस निश्चय के केंद्र मे हैं। लोगों का जीवन कैसे सहज हो, इस बारे में उन्होंने लोगों के साथ संवाद किया।
जीविका दीदियों के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो कई बार संवाद किया। इस क्रम में उन्होंने शराबबंदी के साथ-साथ सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में बात की।