कोटा में मामूली झगड़ा हुआ खूनी वारदात में तब्दील, तीन आरोपी गिरफ्तार

कोटा में मामूली झगड़ा हुआ खूनी वारदात में तब्दील, तीन आरोपी गिरफ्तार

A minor quarrel in Kota turned into a bloody

A minor quarrel in Kota turned into a bloody

कोटा: कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा में महज एक मामूली विवाद ने किस कदर खूनी मोड़ ले लिया, इसकी एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है। बाइक साइड में लेने जैसे मामूली झगड़े का बदला लेने के लिए बदमाशों ने एक युवक को घेरकर मौत के घाट उतार दिया। गुमानपुरा थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वो मामूली झगड़ा जो 'मौत' की वजह बना

वारदात की जड़ें 23 फरवरी से चार-पांच दिन पहले की एक घटना में छिपी हैं। आरोपी ओमप्रकाश उर्फ ओम्पा और मृतक धीरज उर्फ बिजली के बीच सड़क पर बाइक साइड में लेने को लेकर तीखी बहस हुई थी। बात बढ़ी और धीरज ने ओमप्रकाश की पिटाई कर दी। ओमप्रकाश ने इस 'बेइज्जती' का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर धीरज के खात्मे की साजिश रच डाली।

शादी की खुशियों के बीच 'मौत का जाल'

23 फरवरी की रात, जब धीरज अपने दोस्त विशाल के साथ बोरखेड़ा इलाके में एक दोस्त सूरज कश्यप की शादी में शामिल होने जा रहा था, उसे अंदाजा भी नहीं था कि मौत उसका रास्ता रोके खड़ी है। रास्ते में ओमप्रकाश अपने 5-6 साथियों के साथ घात लगाकर बैठा था। जैसे ही धीरज वहां पहुंचा, पवन उर्फ बुड्ढा, ओमप्रकाश उर्फ गंजी, रोहित उर्फ चिल्लू और उनके साथियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। बदमाशों ने बिना संभलने का मौका दिए धीरज पर चाकू और पाइपों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। लहूलुहान धीरज तड़पता रहा और आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

चंबल पुलिया के पास दबोचे गए आरोपी

एडिशनल एसपी दिलीप सैनी ने बताया कि मृतक के भाई लोकेश सुमन की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस की विशेष टीम ने दबिश देते हुए पवन उर्फ बुड्ढा, ओमप्रकाश उर्फ गंजी और रोहित उर्फ चिल्लू को गढ़ पैलेस चंबल पुलिया के पास से धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि ये तीनों आरोपी गुमानपुरा थाना इलाके के ही रहने वाले हैं और लंबे समय से पुलिस की नजरों से बच रहे थे।

बाकी आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद किए जा सकें। इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपी तुषार, सुमित और कुछ अन्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।