यूपी का नया सियासी समीकरण: सहयोगियों को साधने और स्वतंत्र होने की 'डबल रणनीति'

यूपी का नया सियासी समीकरण: सहयोगियों को साधने और स्वतंत्र होने की 'डबल रणनीति'

A Double Strategy to Cultivate Allies and Assert Independence

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लखनऊ। बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनावी परिणाम से यूपी के राजनीतिक समीकरणों में हलचल है। आत्मविश्वास से भरी भाजपा ने सहयोगी दलों राष्ट्रीय लोकदल, निषाद पार्टी, सुभासपा और अपना दल (सोनेलाल) को संदेश दिया है कि पार्टी राजनीतिक दबाव में आने और उन पर निर्भरता के बजाय अपनी जमीन मजबूत कर रही है।

योगी मंत्रिमंडल विस्तार में इसकी झलक भी नजर आई। हालांकि पीडीए का चक्रव्यूह तोड़ने के लिए भाजपा गठबंधन धर्म निभाते हुए मित्र दलों से बेहतर समन्वय रखेगी।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में असर रखने वाले नौ विधायकों वाले रालोद ने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा से हाथ मिलाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जयन्त चौधरी केंद्रीय मंत्री बनाए गए तो मुजफ्फरनगर के पुरकाजी विधायक अनिल कुमार को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया।

रालोद अपना विस्तार करते हुए 14 राज्यों में संगठन बना रहा है, वहीं भाजपा से पूर्वांचल तक सीट मांगने की रणनीति है। जयन्त पश्चिम में अकेले जनसभाएं करते हुए गुर्जर, मुस्लिम व ब्राहृमण वोटों में पैठ बढ़ा रहे हैं। भाजपा ने भी जाट वोटों के बीच अपना नेतृत्व मजबूत रखने के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाया।

पूर्वांचल में असर रखने वाली 11 विधायकों वाली निषाद पार्टी ने गाजियाबाद समेत कई क्षेत्रों में जनसभा कर कश्यप समेत अन्य उपजातियों के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने की कसरत की। इसे गठबंधन में ज्यादा सीटों पर दावा जताने की रणनीति कही गई। संजय निषाद कैबिनेट मंत्री हैं, जबकि उनके पुत्र प्रवीण निषाद गठबंधन के साथ लोकसभा चुनाव लड़े थे।

इसकी काट में योगी सरकार में मंत्री एवं भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र कश्यप ने पांच अप्रैल को गाजियाबाद में महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ आयोजित किया। पूर्वांचल के दर्जनों जिलों में राजभर समाज कई सीटों पर जीत-हार के समीकरण में विशेष भूमिका निभाता है।

सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। पांच विधायकों वाले राजभर ने पिछले दिनों अपने वोट बैंक को व्यापक बनाने की दिशा में ब्राहृमण समाज के बीच जनसभा की। यह भाजपा का कोर वोटर है।

पांच राज्यों में चुनाव के बाद बदली परिस्थितियों में हवा का मिजाज परखते हुए राजभर पूरी तरह गठबंधन के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। मिर्जापुर एवं वाराणसी के आसपास कई जिलों में असर रखने वाले अपना दल-एस की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल 2014 से भाजपा के साथ रहते हुए केंद्रीय मंत्री हैं।

उनके पति आशीष पटेल यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। लेकिन अपने पास 13 विधायकों का हवाला देते हुए अपना दल ने यूपी में एक और मंत्री मांगा, लेकिन भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार में किसी सहयोगी दल को शपथ का अवसर नहीं दिया।

2027 विधान सभा चुनाव को देखते हुए अपना दल भाजपा की तर्ज पर बूथ प्रबंधन भी कर रहा। लेकिन केंद्रीय मंत्री एवं कुर्मी चेहरा पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने अपना दल को संकेत दे दिया कि पार्टी हर समाज को प्रतिनिधित्व देकर सहयोगी दलों के दबाव से मुक्त होने की राह पकड़ेगी।