उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को होली से बड़ा तोहफा

उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को होली से बड़ा तोहफा

A big Holi gift for Shiksha Mitras and instructors

A big Holi gift for Shiksha Mitras and instructors

लखनऊ। ‍उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के अंतिम दिन योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में 80 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी है। इनको बढ़ा मानदेय अप्रैल से मिलेगा।

सराकर ने शिक्षा मित्रों का मानदेय दस हजार से 18,000 रुपये और अनुदेशक का मानदेय नौ से 17,000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है। शिक्षा मित्रों के मानदेय को बढ़ाने की काफी दिनों से मांग हो रही थी। शिक्षामित्रों के बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल से मिलेगा। होली से पहले बड़ा उपहार मिलने से शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों में खुशी की लहर दौड़ रही है।

विधान सभा में बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की। जिससे नौ वर्षों से मानदेय बढ़ोत्तरी का इंतजार कर रहे उत्तर प्रदेश के शिक्षा मित्रों को संजीवनी मिली है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र आर्थिक समस्या के कारण अपने बच्चों की शिक्षा, अपने माता-पिता का भरण-पोषण और घर खर्च चलाने में संतुलन नहीं बना पा रहे थे। बड़ी संख्या में परेशान शिक्षा मित्र और अनुदेशक आत्महत्या तक कर रहे थे।

सदन में मुख्यमंत्री के शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाने की घोषणा करने से शिक्षामित्र में आशा की किरण जगी है। मानदेय बढ़ने के बाद उनकी आर्थिक समस्या दूर हो जाएगी। मानदेय बढ़ने की घोषणा के बाद इन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री एवं शिक्षामित्रों के लिए लगातार सरकार से पैरवी कर रहे एमएलसी श्रीचंद शर्मा को धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित किया।

सरकार के इस फैसले को लेकर शिक्षा मित्रों ने काफी खुशी जताई है। प्राथमिक विद्यालय नरही, लखनऊ के राजीव ने कहा कि हम योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से खुश हैं। उन्होंने कहा कि 10 हजार रुपये में घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल था, लेकिन अब इस बढ़े हुए वेतन से उन्हें कुछ राहत मिलेगी। बाराबंकी के श्याम कुमार और हरदोई की अर्चना मिश्रा ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वो सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। इस बढ़े मानदेय से कम से कम उनके परिवार को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि महंगाई के वक्त में 10 हजार से परिवार चलाना और बच्चों की पढ़ाई बहुत मुश्किल ही नहीं, बल्कि असंभव सा है, लेकिन बढ़े हुए पैसे से अब उन्हें कुछ राहत मिलेगी।