Crores of transactions from the account of the person who claims to be IG of IB, see who are involved in this conspiracy

अपने आप को आईबी का आईजी बताने वाले के खाते से करोड़ों का लेन-देन, देखें इस साजिश में कौन-कौन हैं शामिल

IG-IB

Crores of transactions from the account of the person who claims to be IG of IB, see who are involve

अर्थ प्रकाश/ नवीन पठानिया

शिमला। कथित विनय अग्रवाल (जो अपने आप को आईजी आईबी बताता था) और लोगों से ठगी मारता था। शिमला के बरारी में हुए दर्ज मामले में काफी जानकारी खुलकर सामने आई है। विनय अग्रवाल के खाते में करोड़ों रुपए के हुए लेन-देन को लेकर  हरियाणा पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा हो गया है, जबकि आरोपी हरियाणा के रहने वाला है और हरियाणा पुलिस से ले रखी थी सिक्योरिटी। जबकि हिमाचल पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए केस दर्ज किया। पुलिस द्वारा लिखी गई रिपोर्ट में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जिनमें पता चला है कि कथित आईजी आईबी विनय अग्रवाल  के खाते से करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है। कथित आईजी का आईसीआईसीआई बैंक में खाता पाया गया है। इस बैंक खाते में एक जनवरी 2020 को केवल 2,32,708 रुपए थे और 23 जनवरी दिसंबर 2021 को 6,93,399 रुपए पाए गए। जांच में सामने आए कि एक जनवरी 2020 से  23 जनवरी दिसंबर 2021 तक इस खाते में 2,38,70,400 रुपए जमा किए गए हैं। यह रकम अलग-अलग फर्मो व व्यक्तियों द्वारा जमा कराई गई है। इसके अलावा इस खाते से इस अवधी के दौरान दो करोड़ चौंतीस लाख नौ हजार सात सौ नौ रुपए सोलह पैसे की रकम निकाल ली गई। इस निकली गई रकम में से किरण भाटिया और सुनील कुमार तनेजा प्रत्येक को चौरानवे लाख पांच हजार रुपए की राशि भेजी गई। यह बैंक खाता विनय अग्रवाल फ्लैट नं-07, जीएच-11 मनसा देवी कॉम्प्लेक्स पंचकूला चंडीगढ़ के नाम पर पाया गया है। लेकिन जब पुलिस ने वहां पहुंचकर पता करा तो पता चला कि यहां विनय अग्रवाल नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है। जांच में सामने आया कि विनय अग्रवाल नाम का कोई आईपीएस व आईएएस अधिकारी भी नहीं है। इस प्रकार हरियाणा पुलिस की नाक के नीचे एक व्यक्ति की इस प्रकार की कार्यशैली पर कोई नजर नहीं रखी गई। 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, विनय अग्रवाल ने जगबीर सिंह नाम के उद्यमी से डरा धमकाकर 50 लाख से अधिक रुपए ऐंठे हैं। इस षडयंत्र में संजीव सेठी नाम का व्यक्ति भी शामिल है। जिसकी बद्दी में एक फैक्ट्री है। संजीव ही विनय अग्रवाल का दूसरे उद्यमियों से आईजी आईबी के रूप में परिचय करवाता था। आरोपी के खाते से इतनी बड़ी रकम का निकलना, राजनैतिक लोगों से नजदीकी बताकर और आईजी आईबी जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन होने का लोगों पर दबाव डालकर पैसे ऐंठना इस बात की ओर इशारा करता है विनय अग्रवाल आपराधिक प्रवृति का आदमी है। 

दबाव डालकर कर रहा लाखों रुपए की उगाही

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, विनय अग्रवाल अपने आप को आईजी आईबी बताकर हिमाचल प्रदेश के उद्योग काला अम्ब व बद्दी में आता जाता रहता है और अपने साथ हरियाणा पुलिस के अनाधिकृत सुरक्षाकर्मी रखता है। यह पिछले दो वर्षों से इस पद पर होने व राजनैतिक नेताओं के साथ अपनी नजदीकियां बताता है। यह इस पद का दुरुपयोग करके अनुचित लाभ के लिए काला अम्ब व बद्दी के उद्योग से संबंधित कार्यालय के अधिकारियों से भी मिलता रहता है। इस नाते यह उद्योगपतियों पर दबाव डालकर लाखों रुपये की अवैध उगाही कर रहा है। इस रकम को वह अपने बैंक खाते में डलवा रहा है।  इसके साथ हरियाणा पुलिस के दो जवान हथियारों के साथ पैसा ऐंठने के लिए इसकी मदद करते हैं। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अग्रवाल ने चंडीगढ़ व पंचकूला में काफी संपत्ति बना रखी है और यह पंचकूला में रहता है। विनय अग्रवाल अपने निजी अनुचित लाभ व अवैध वसूली के लिए जनमानस में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के नाम का गलत इस्तेमाल करके भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की साख पर गहरा आघात कर रहा है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, विनय अग्रवाल के पास गाड़ी नं. पीबी 65 एएन 6141 के संदर्भ में आरटीए एसएएस नगर पंजाब से दस्तावेज प्राप्त किये गए हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, यह गाड़ी सुमित कुमार जैन पुत्र विनय चंद जैन निवासी फ्लैट नं. 718 मोतिया सिटी अंबाला, जीरकपुर एसएएस नगर के नाम पर पाई गई है। विनय अग्रवाल के बारे में आरएलए प्राधिकारी सोनीपत से लाईसेंस प्राप्त किया गया है। इसके मुताबिक यह लाईसेंस विनय अग्रवाल पुत्र जी.पी. अग्रवाल निवासी मकान नं. 222, एचबीसी सोनीपत, हरियाणा के नाम पाया गया है। विनय अग्रवाल के पास तीन मोबाइल फोन नंबर पाए गए। इस संदर्भ में संबंधित दूरसंचार कंपनियों से दस्तावेज प्राप्त किये गये है।