गोरखपुर में 8,500 करोड़ का अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट, औद्योगिक विकास को नई रफ्तार

गोरखपुर में 8,500 करोड़ का अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट, औद्योगिक विकास को नई रफ्तार

Ultra Mega Project in Gorakhpur

Ultra Mega Project in Gorakhpur

गोरखपुर। Ultra Mega Project in Gorakhpur: धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप में श्रेयस ग्रुप द्वारा लगभग 8,500 करोड़ की लागत से अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। श्रेयस ग्रुप्स आफ कंपनीज के अध्यक्ष एवं केयान डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के एमडी विनय कुमार सिंह ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुलाकात कर स्थापित होने वाले प्लांट के भूमि पूजन के लिए अनुरोध किया।

विनय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने धुरियापार में प्रस्तावित बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और जल्द ही भूमिपूजन के लिए समय निर्धारण का आश्वासन दिया है।

विनय सिंह ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सोलर और बायोफ्यूल आधारित एकीकृत औद्योगिक इकाई के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत 300 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित होगा, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगा।

इसके साथ ही अत्याधुनिक डिस्टिलरी प्लांट लगाया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन 18 लाख लीटर इथेनाल और 4 लाख लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल उत्पादन की क्षमता होगी। इसके अतिरिक्त 15 लाख बोतलों प्रतिदिन की बाटलिंग क्षमता भी विकसित की जाएगी।

परियोजना के अंतर्गत प्रीमियम इंग्लिश लिकर, सिंगल माल्ट और बीयर के उत्पादन का भी प्रस्ताव है। इससे न केवल प्रदेश के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि गोरखपुर को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

ग्रुप ने की है कुल 170 एकड़ भूमि की मांग

हाल ही में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) द्वारा श्रेयस ग्रुप्स आफ कंपनीज को 60.5 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। जबकि समूह की ओर से कुल 170 एकड़ भूमि की मांग की गई है, ताकि अल्ट्रा सुपर मेगा प्रोजेक्ट को समुचित रूप से विकसित किया जा सके। गीडा प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि होली के बाद शेष भूमि के लिए विज्ञापन जारी कर आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

14 हजार लोगों को रोजगार, 12 हजार कर्मियों को मिलेगा आवास

केयान डिस्टलरीज के सहायक महाप्रबंधक (प्रशासन एवं जनसंपर्क) आत्मानंद सिंह ने बताया कि इस मेगा प्रोजेक्ट से करीब 14,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। कर्मचारियों के लिए परिसर में ही लगभग 12 हजार आवासों के निर्माण की योजना है, जिससे एक संगठित औद्योगिक टाउनशिप का विकास होगा।