यूपी रेरा की 200वीं बैठक में 13 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी, 1300 करोड़ का निवेश
13 New Real Estate Projects Approved
लखनऊ। 13 New Real Estate Projects Approved, उत्तर प्रदेश विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने लखनऊ की पांच सहित 13 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूर किया है। 1300 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली परियोजनाओं से आठ जिलों में 1976 आवासीय, व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा। इससे प्रदेश में संगठित रियल एस्टेट विकास व नियोजित शहरी विस्तार को और मजबूती मिलेगी।
गुरुवार को यूपी रेरा मुख्यालय में 200वीं प्राधिकरण बैठक हुई। इसमें विभिन्न जिलों से मिले प्रस्तावों की समीक्षा व नियामकीय मानकों का परीक्षण करने के बाद परियोजनाएं स्वीकृति हुईं।
स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक व मिश्रित उपयोग की परियोजनाएं शामिल हैं, ताकि आवासों की उपलब्धता बढ़ाकर व्यावसायिक गतिविधियां तेज हो सके। निवेश और इकाइयों की संख्या दोनों में गाजियाबाद आगे रहा, वहां 767.58 करोड़ की लागत वाली दो आवासीय परियोजनाओं में 1137 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा।
लखनऊ में पांच परियोजनाएं मंजूर
लखनऊ में सबसे अधिक 66.55 करोड़ लागत की पांच परियोजनाएं मंजूर हुईं। इन परियोजनाओं के तहत 404 इकाइयों का विकास होगा, जिनमें दो आवासीय, दो व्यावसायिक और एक मिश्रित उपयोग की परियोजना शामिल है।
गौतमबुद्ध नगर में 141.14 करोड़ की एक व्यावसायिक परियोजना के तहत 21 व्यावसायिक इकाइयां, मथुरा में 160.93 करोड़ की एक आवासीय परियोजना के तहत 198 आवासीय इकाइयां, सहारनपुर में 131.49 करोड़ की एक आवासीय परियोजना से 83 आवासीय इकाइयां, बरेली में 16.33 करोड़ की एक आवासीय परियोजना के तहत 84 आवासीय इकाइयां, वाराणसी में 2.50 करोड़ की एक व्यावसायिक परियोजना के तहत 20 व्यावसायिक इकाइयां और मुरादाबाद में 13.86 करोड़ लागत की एक आवासीय परियोजना में 29 आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी।
इन परियोजनाओं में 1,300.38 करोड़ से अधिक का निवेश व निर्माण चरण के दौरान रोजगार के अवसर मिलेंगे। निर्माण सामग्री, श्रम, इंजीनियरिंग सेवाओं, परिवहन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में मांग बढ़ने से जिलों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा, 200वीं प्राधिकरण बैठक निरंतर विकास की गति को दर्शाती है। समयबद्ध अनुमोदन, कड़ी निगरानी और घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए राज्य में संतुलित शहरी विकास को आगे बढ़ाता रहेगा।