उत्तर प्रदेश में खेल क्रांति: योगी सरकार का बड़ा दांव, हर ब्लॉक में बनेंगे आधुनिक 'ग्रामीण स्टेडियम'
Yogi government's big bet, modern 'rural stadiums
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 'खेलो इंडिया' की तर्ज पर राज्य के ग्रामीण इलाकों में खेल सुविधाओं का जाल बिछा रही है। प्रदेश के सभी विकास खंडों (Blocks) में आधुनिक ग्रामीण स्टेडियम बनाने की महत्वाकांक्षी योजना अब धरातल पर उतरने लगी है। वर्तमान में विभिन्न जनपदों में लगभग 30 खेल परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जो ग्रामीण युवाओं को उनके घर के पास ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का अभ्यास मंच प्रदान करेंगी।
स्टेडियम में मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
योगी सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे ये ग्रामीण स्टेडियम केवल साधारण मैदान नहीं, बल्कि आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स होंगे। प्रत्येक स्टेडियम की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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इंफ्रास्ट्रक्चर: कम से कम 200 मीटर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक और भव्य मल्टीपर्पज हॉल।
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फिटनेस: हर ब्लॉक में ओपन जिम की स्थापना ताकि ग्रामीण युवा फिटनेस के प्रति जागरूक हो सकें।
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प्रशिक्षण: आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से पेशेवर खेल प्रशिक्षकों (Coaches) की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
स्पोर्ट्स कॉलेज बनेंगे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'
खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय वैज्ञानिक प्रशिक्षण देने के लिए सरकार स्पोर्ट्स कॉलेजों का कायाकल्प कर रही है। इन्हें 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा और मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से संबद्ध किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को एक सुव्यवस्थित अकादमिक और तकनीकी ढांचा मिल सकेगा।
जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश: गुणवत्ता और समयसीमा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तर्ज पर ही यूपी में सीएम योगी ने जिलाधिकारियों को खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए हैं।
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फंड का सही उपयोग: खेल बजट का उपयोग बुनियादी ढांचे, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों के सीधे प्रोत्साहन में किया जाए।
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निरीक्षण: निर्माणाधीन स्टेडियमों की गुणवत्ता और मानकों से कोई समझौता नहीं होगा।
रोजगार और स्वास्थ्य का संगम
यह पहल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है। गांव-गांव में खेल संस्कृति विकसित होने से स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षकों और इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों के विस्तार से युवाओं के स्वास्थ्य और सेना/पुलिस भर्ती में उनकी दक्षता में भी सुधार होगा।